इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में पांच वर्षीय एकीकृत एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्यक्रम और संस्कृत विभाग में दो नए पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम होंगे शुरू
जम्मू विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता और मीडिया अध्ययन विभाग में वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र से पत्रकारिता और जनसंचार में पीएचडी शुरू की जाएगी। इसी सत्र में एनईपी-2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के तहत जम्मू विश्वविद्यालय के कठुआ कैंपस में बीसीए और बीबीए में डेटा साइंस को प्रमुख विषय के रूप में शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा अगले सत्र में संस्कृत विभाग में दो नए पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
रजिस्ट्रार डॉ. नीरज शर्मा ने कई प्रस्ताव पेश किए। इसमें पाठ्यक्रम संशोधन, नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरूआत, शिक्षण विभागों में अनुसंधान और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों के प्रस्ताव शामिल रहे।
बैठक में प्रो. अंजू भसीन, डीन अकादमिक मामले, प्रो. मीना शर्मा, डीन, योजना और विकास, प्रो. नीलू रोहमेत्रा, डीन रिसर्च स्टडीज, डाॅ. सुमिता शर्मा और सभी डीन, रेक्टर, निदेशक, विभागाध्यक्ष, संयोजक और कॉलेज प्रिंसिपल मौजूद रहे।
एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू होगा
यूजीसी के मानदंडों के अनुरूप संग्रहालय विज्ञान और संरक्षण में एक वर्ष का पीजी डिप्लोमा शुरू करने के संबंध में सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी। परिषद ने जेयू में पुनः उपस्थित/अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए एक बार विशेष अवसर प्रदान करने और विभिन्न कार्यक्रमों में डिवीजन सुधार के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। एनईपी-2020 के तहत जेयू के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में 5 वर्षीय एकीकृत एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। अगले सत्र से कठुआ कैंपस में बीसीए में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूजीपी) और बीसीए में बीबीए के साथ डेटा साइंस को प्रमुख विषय के रूप में शुरू किया जाएगा।
रोजगार बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम संरचनाओं में संशोधन पर जोर
कुलपति प्रो. उमेश राय ने विश्वविद्यालय में प्रमुख प्रशासनिक पदों पर हाल ही में हुई नियुक्तियों के बारे में बताया। इसमें डॉ. नीरज शर्मा को रजिस्ट्रार, संजीव महाजन को परीक्षा नियंत्रक और डॉ. जितेंद्र खजूरिया को वित्त अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने बेहतर एनआईआरएफ रैंकिंग, निवेश पर सर्वश्रेष्ठ रिटर्न (आरओआई) में टीबीएस का 8वां स्थान, सरकारी बी-स्कूलों में बिजनेस स्कूल (टीबीएस) का 5वां स्थान, विभिन्न शिक्षण पदों की स्वीकृति और प्रसिद्ध एजेंसियों और संगठनों के साथ कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रोजगार केंद्रित शिक्षा को लेकर उन्होंने परंपरागत कक्षाओं से आगे बढ़कर नवीन और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।