उद्यमिता उत्सव में शामिल बंगलूरू-हैदराबाद के बतौर विशेषज्ञ शामिल उद्यमियों ने बदलते जम्मू-कश्मीर को देख जाहिर की खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पर्यटन उद्योग में पहचान बना चुका जम्मू-कश्मीर अब नई संभावनाओं वाला प्रदेश बन चुका है। यह समझना है तो हमें युवाओं के बीच जाना होगा। आईआईटी जम्मू का कैंपस इस वक्त इसी बदलाव की नई कहानी सुना रहा है। यहां मनाए जा रहे उद्यमिता महोत्सव में आमंत्रित मेहमान बदलते जम्मू-कश्मीर में संभावनाओं को लेकर विश्वस्त हैं, खासकर स्टार्ट अप में अपार अवसर देख रहे हैं।
उनका कहना है कि हम यहां पहली बार आए, एक पूर्वाग्रह हमारे मन में था। यहां आने के बाद वो बदला और हमें लगता है कि जम्मू में आईटी हब बनने की क्षमता है। इस महोत्सव के बीच अमर उजाला ने बात की कुछ ऐसे युवा उद्यमियों से जो अपने स्टार्ट अप की सफलता की कहानी सुनाने आए थे और लेकर जा रहे हैं नया अनुभव और छोड़कर जा रहे हें यहां के युवाओं के लिए अवसर।
यहां के युवाओं की मेंटरशिप पर विचार कर रहे हम
रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। शिकागो से एमबीए किया। इसके बाद एक निवेशक कंपनी में नौकरी जाॅइन कर ली। कुछ वक्त बाद लगा कि जो काम ये कंपनी कर सकती है, वो मैं अपनी कंपनी में भी कर सकता हूं। स्पैरो कैपटिल की नींव रखी। अब तक 32 कंपनियों में निवेश किया है। जम्मू के युवाओं के स्टार्टअप में भी हम निवेश कर उन्हें मेंटरशिप देने को तैयार हैं। जम्मू-कश्मीर में आईआईटी है, एम्स है सुना था, पर यहां काम करने को लेकर लोगों में उत्साह कम है, ऐसी सोच लेकर आए थे। यहां जब हमने युवाओं से संवाद किया, उनके इनोवेशन को देखा तो लगा कि जम्मू आईटी क्षेत्र में पहचान बनाने की पूरी संभावना रखता है। यहां बाहरीपन वाली भावना होती है, हमने ऐसा सोचा था, मैं दावे के साथ कह सकता हूं अगले कुछ वर्षों में सीमाओं पर यहां के युवा नई कहानी लिखेंगे।
-यश जैन, संस्थापक, स्पैरो कैपिटल
हम चाहते हैं यहां के युवाओं संग स्टार्टअप को आगे बढ़ना
तीन साल पहले ग्रो क्लब के साथ काम शुरू किया। हमारा तीन लक्ष्य था, पहला देश की बड़ी कंपनी बनना, दूसरा ग्लोबल कंपनी बनना और तीसरा समाज के उत्थान में अपना योगदान देना। यह हमारी कंपनी का काम ही है कि हमें एक मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद मिली है। हम उत्पाद बनाते हैं, बेचते हैं और फिर खरीद लेते हैं, उन्हें रिसाइकिल करने के लिए। अभी हम बंगलूरू और हैदराबाद में काम कर रहे हैं. जम्मू में आकर यहां हम काम की संभावना लगी, जल्द ही लौटकर काम शुरू करेंगे।
-पुरथवी गौड़ा, फाउंडर, ग्रो क्लब
डाटा प्राइवेसी के हम मास्टर, जल्द शुरू करेंगे स्मार्ट कार्ड योजना
हम लोगों को डाटा को सुरक्षित कैसे रखें, कैसे उन्हें सुरक्षित ट्रांसफर करें, इस पर काम करते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां फोन नहीं है,उनके डाटा को किस तरह से जरूरत पड़ने पर ट्रांसफर किया जा सकता है, इस सेवा में हमें पहचान मिली। अब हम स्मार्ट कार्ड परियोजना पर काम कर रहे हैं। दो सप्ताह के अंदर हम जम्मू में कुछ नया शुरू करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उद्यमिता महोत्सव में आने वाले विशेषज्ञों के साथ खुद मुझे लगने लगा है कि पर्यटन के लिए जाना जाता था जम्मू-कश्मीर। भविष्य में यहां आईटी हब विकसित हो सकता है।
-सौरभ राज, संस्थापक, नुवो
स्कूली बच्चों व सेना का नवाचार हुआ प्रदर्शित
आईआईटी जम्मू में जारी नवाचार और सहयोग का उत्सव उद्यमोत्सव 2025 के दूसरे दिन स्कूली बच्चों का वैज्ञानिक स्वभाव देखने को मिला। स्कूलों बच्चों द्वारा खुद से तैयार किए नवाचार को प्रदर्शित किया गया। बच्चों की प्रतिभा को मंच मिला जहां उन्होंने अपने नवाचार को युवा उद्यमियों के बीच रखा। कार्यक्रम में आए विभिन्न सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों को जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप की नई संभावनाओं से अवगत करवाया। उद्यमोत्सव में एक्सपो इवेंट भी हुआ, इसमें भी युवा उद्यमियों के साथ भारतीय सेना के नवाचार को प्रदर्शित किया गया। इस कार्यक्रम का सोमवार को समापन होगा। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इसमें मुख्य अतिथि रहेंगे। इसमें मुख्य अतिथि के भाषण के साथ-साथ गेस्ट टॉक, पैनल चर्चा व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।