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Jammu: कस्टोडियन भूमि घोटाले में उधमपुर और जम्मू में ईडी की दबिश, कई जगह छापा; दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड खंगाले

Sat, 23 Aug 2025 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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ईडी रेड। - फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कस्टोडियन भूमि पर कब्जे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ताबड़तोड़ छापे मारे। जम्मू में आठ स्थानों और उधमपुर के हाउसिंग काॅलोनी में छापे मारकर इलेक्ट्रानिक उपकरण व दस्तावेज जब्त किए गए। बैंकों के रिकाॅर्ड खंगाले गए। आरोपियों पर 2022 में कस्टोडियन भूमि (पीओजेके विस्थापित से जुड़ी) हड़पने और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है।

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ईडी की टीमें शुक्रवार तड़के सीआरपीएफ के जवानों के साथ सभी जगह तड़के ही छापा मारने पहुंच गईं। जम्मू के कनाल रोड स्थित लाजपतनगर में पटवारी राहुल काई और रूपनगर स्थित पटवारी प्रणव देव सिंह के घर हैं। दोनों जगहों पर टीमों ने करीब छह घंटे तक दस्तावेज खंगाले। परिवार के लोगों से पूछताछ की गई। इसके अलावा टीमों ने बन तालाब निवासी रज्जाक चौधरी, मकबूल हुसैन, दोमाना के लियाकत अली, कोट भलवाल के रोहित सिंह, फ्लोरा नागबनी दोमाना के राजिंदर कुमार के घर तलाशी ली गई। चौआदी निवासी नायब तहसीलदार अकील अहमद के घर पर भी छापा मारना था लेकिन मेडिकल लीव पर होने की वजह से ऐसा नहीं किया जा सका।

जानिए, क्या है मामला
वर्ष 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 62 एकड़ से अधिक कस्टोडियन भूमि से जुड़े घोटाले का पर्दाफाश किया था। मामले में 15 एफआईआर दर्ज की गई थीं। जांच बढ़ी तो एंटी करप्शन ब्यूरो ने असरवान, मिश्रीवाला और भलवाल में लगभग 40 कनाल कस्टोडियन भूमि के घोटाले में नवंबर 2024 में एक और मामला दर्ज किया। ये मामला राजस्व अधिकारियों और भू माफिया के नेटवर्क से संबंधित था। इसमें प्रणव देव सिंह (पटवारी), राहुल काई (पटवारी), अकील अहमद (नायब तहसीलदार), फ्लोरा नागबनी मढ़ के राजिंदर शर्मा, वरिंदर गुप्ता, जगदीश चंद्र और मकबूल चौधरी आरोपी बनाए गए।
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5 हजार से लेकर 50 हजार तक देकर हड़प ली जमीन
एसीबी की जांच में सामने आया था कि विभिन्न पीओजेके शरणार्थियों से पावर ऑफ अटॉर्नी के साथ फॉर्म 3 ए (फॉर्म अल्फ) हासिल किए थे। इसके बदले उन्हें अतिरिक्त भूमि के प्रलोभन के साथ 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक दिए गए थे। अटॉर्नी हासिल करने वालों ने धोखाधड़ी कर जमीनें नेताओं और भू माफिया को बेच दिया।

प्रणव का कुछ दिन पहले ही रद्द हुआ था निलंबन
 27 जुलाई 2025 मंडलायुक्त जम्मू ने पटवारी प्रणव देव सिंह को भलवाल हलके में जमीन से जुड़े मामले में अनियमितता के चलते सस्पेंड कर दिया था। प्रणव ने इस आदेश को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण जम्मू में चुनौती दी। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने 9 अगस्त 2025 को निलंबन को निराधार और मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया है। साथ ही राजस्व विभाग को एक नई जांच शुरू करने और छह महीने के भीतर उसे पूरा करने का निर्देश दिया।

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