केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शुक्रवार के दौरे से पहले जम्मू शहर में पुलिस और यातायात विभाग ने गुरुवार को एक ड्राई रन आयोजित किया। इस ड्राई रन का मुख्य उद्देश्य शाह की सुरक्षा व्यवस्था और उनके एयरपोर्ट से नरवाल तक के यात्रा मार्ग की रिहर्सल करना था। लेकिन एक घंटे के इस अभ्यास में ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई जिससे शहर भर में भारी जाम लग गया और लोग परेशान हो गए।
ड्राई रन के दौरान सतवारी से लेकर नरवाल तक के मुख्य मार्गों पर यातायात अवरुद्ध कर दिया गया। इस दौरान गांधी नगर, वेयर हाउस, सतवारी, कुंजवानी, त्रिकुटा नगर और नरवाल जैसे प्रमुख इलाकों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जाम इतना गंभीर था कि लोग दो घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे और यातायात पुलिस तथा सुरक्षा कर्मी इस स्थिति को संभालने में असमर्थ नजर आए।
पुलिस और यातायात विभाग ने इस ड्राई रन को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का दावा किया लेकिन वास्तविकता यह है कि एक घंटे के इस अभ्यास में ही पूरी व्यवस्था हांफ गई। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अमित शाह के दौरे के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के मामले में अधिक तैयारी की आवश्यकता है।
अमित शाह की सुरक्षा के लिए शहर में करीब पांच हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट से लेकर नरवाल और अन्य प्रमुख स्थानों पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी ड्रोन द्वारा भी की जाएगी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडीजीपी जम्मू ने उच्च स्तरीय बैठक की और डीआईजी जम्मू शिव कुमार शर्मा तथा एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
शाह के दौरे को लेकर सुरक्षा बलों को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि दौरे के दौरान किसी भी तरह की कोताही न हो। सुरक्षा के अतिरिक्त यातायात प्रबंधन को भी दुरुस्त करने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।