जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले को लेकर शुक्रवार को डीजीपी ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि ड्रोन सीमा पार से चलाए गए थे या सीमा के अंदर से। ऐसे संकेत हैं कि लश्कर-ए-तैयबा इसके पीछे है। क्योंकि उसने पहले भी ऐसी दर्जनों गतिविधियों को अंजाम दिया है। जिसमें हथियार और आईईडी गिराना शामिल हैं। पुलिस मुखिया दिलबाग सिंह सरदार पृथीनंदन सिंह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल कठुआ में टेलीकॉम के 508 प्रशिक्षुओं के साथ-साथ दो डीएसपी और 28 सब इंस्पेक्टरों की पासिंग आउट परेड में पहुंचे थे।
इस दौरान डीजीपी ने कहा कि उसी रात (जम्मू एयरबेस पर हमले की) हमने ड्रोन की मदद से एक रेडीमेड आईईडी बरामद किया जो पाकिस्तान से आया था। पूछताछ और जांच के दौरान यह पाया गया कि लश्कर-ए-तैयबा ने इसकी साजिश रची थी। हम इस हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
अरनिया में आईबी पर फिर ड्रोन देखे जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि ड्रोन अपने आप में एक खतरा हैं। देशविरोधी ताकतों और आतंकियों की ओर से आईईडी गिराने के लिए ड्रोन का पूर्व में भी इस्तेमाल सामने आ चुका है।