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जम्मू ड्रोन हमले में बड़ा खुलासा: डीजीपी ने कहा- इसके पीछे लश्कर-ए-तैयबा, उसी रात हुई थी ये बरामदगी

Fri, 02 Jul 2021 12:02 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कठुआ

सार

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले को लेकर पुलिस का बड़ा बयान सामने आया है। डीजीपी के मुताबिक हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है।
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डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले को लेकर शुक्रवार को डीजीपी ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि ड्रोन सीमा पार से चलाए गए थे या सीमा के अंदर से। ऐसे संकेत हैं कि लश्कर-ए-तैयबा इसके पीछे है। क्योंकि उसने पहले भी ऐसी दर्जनों गतिविधियों को अंजाम दिया है। जिसमें हथियार और आईईडी गिराना शामिल हैं। पुलिस मुखिया दिलबाग सिंह सरदार पृथीनंदन सिंह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल कठुआ में टेलीकॉम के 508 प्रशिक्षुओं के साथ-साथ दो डीएसपी और 28 सब इंस्पेक्टरों की पासिंग आउट परेड में पहुंचे थे।

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इस दौरान डीजीपी ने कहा कि उसी रात (जम्मू एयरबेस पर हमले की) हमने ड्रोन की मदद से एक रेडीमेड आईईडी बरामद किया जो पाकिस्तान से आया था। पूछताछ और जांच के दौरान यह पाया गया कि लश्कर-ए-तैयबा ने इसकी साजिश रची थी। हम इस हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

अरनिया में आईबी पर फिर ड्रोन देखे जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि ड्रोन अपने आप में एक खतरा हैं। देशविरोधी ताकतों और आतंकियों की ओर से आईईडी गिराने के लिए ड्रोन का पूर्व में भी इस्तेमाल सामने आ चुका है।
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ड्रोन हमले में आरडीएक्स का किया गया इस्तेमाल
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि जम्मू ऐयरबेस पर दोहरे ड्रोन हमले में आईडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। आईईडी ऐसे बनाई गई थी जिसे ड्रोन से कैरी किया जा सके। आतंक पर नो टॉलरेंस का कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में एनकाउंटर और भी बढ़ेंगे। जो दुश्मन आम लोगों और बेगुनाओं की हत्या की साजिशें रच रहे हैं उन्हें कतई बख्शा नहीं जाएगा।

डीजीपी ने कहा कि बीते कुछ महीने में सीजफायर उल्लंघन नहीं हुआ है। लेकिन एलओसी, आईबी पर जैश और लश्कर की मदद से आईईडी, हथियार एवं ड्रग्स गिराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी मामले में खुलासा हो जाएगा।

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स्टेशन पर हमले में भी नदीम का हाथ होने का शक

नरवाल क्षेत्र से पकड़े गए टीआरएफ के आतंकी नदीम उल हक का वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले में हाथ होने का शक है। नदीम से मिली पांच किलो आईईडी जम्मू में ही दी गई थी। आईईडी को अलग-अलग लोकेशन में लगाकर धमाके करने थे। इससे पहले ही वह पकड़ा गया। सूत्रों का कहना है कि वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले की जांच करने वाली एनआईए की टीम जल्द ही नदीम से पूछताछ कर सकती है। नदीम इस हमले की जानकारी दे सकता है।
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