विदेश व्यापार निदेशालय (डीजीएफटी) की ‘डिस्ट्रिक्ट एज एक्सपोर्ट हब’ पहल के तहत जम्मू जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप चुना गया है। इसके तहत यहां से निर्यात की संभावनाओं पर एक विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। यह जानकारी जम्मू-कश्मीर ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (जेकेटीपीओ) ने एफआईईओ (फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन) के संयुक्त रूप से आयोजित वेबिनार में दी।
निदेशक उद्योग और वाणिज्य जम्मू, अनु मल्होत्रा ने जम्मू जिले के प्रमुख उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां से कालीन, बसोहली चित्रकारी, अखरोट, शहद, ऊन आधारित कपड़ा, फार्मा और चावल सहित निर्यात की व्यापक क्षमताएं हैं। कहा कि, ई-कॉमर्स निर्यात की क्षमता को बढ़ाने के लिए फ्लिपकार्ट जैसी संस्थाओं के साथ विमर्श चल रहा है। स्थानीय कारीगरों को इसमें शामिल करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि डीजीएफटी द्वारा जिले से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित क्षेत्र पर भी विचार किया जा सकता है।
हस्तशिल्प में 3000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण
निदेशक, हथकरघा और हस्तशिल्प विभाग, जम्मू, विकास गुप्ता ने बताया कि इस क्षेत्र में 3000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। विभाग इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के लिए पहल कर रहा है। बुनियादी सुविधाओं की पहल, सीएफसी की स्थापना, हैंडलूम हाट, पार्क, आदि भी विभाग द्वारा किए गए हैं।
निर्यात दर में 6.33% की सकारात्मक वार्षिक वृद्धि
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के निदेशक ने वेबिनार में बताया कि जम्मू और कश्मीर ने 2014-15 से 2018-19 के दौरान निर्यात दर में 6.33% की सकारात्मक वार्षिक वृद्धि रही। यह निर्यात 196.43 मिलियन डॉलर का रहा।