संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। शिया समुदाय की तरफ से इमाम हुसैन के साथ करबला के मैदान में शहीद होेने वालों की याद में मुहर्रम का मातमी महीना मनाया जा रहा है। बुधवार को पुंछ नगर में शिया समुदाय की तरफ से करबला के मैदान में शहीद होने वाले इमाम हुसैन के भतीजे 13 वर्षीय शहजादा कासिम की शहादत को याद करते हुए मेंहदी रात का मातमी जुलूस निकाला। जिसमें सैकडों की संख्या में शिया समुदाय के युवाओं, बच्चो और बुजुर्गों ने भाग लिया। बुधवार रात्री को शिया समुदाय की तरफ से अंजुमन ए जाफरिय के बैनर तले नगर के मोहल्ला सराय स्थित तकिया पहलवान शाह से मेंहदी रात का मातमी जूलूस निकाला गया।
जुलूस नगर के विभिन्न बाजारों, गली मोहल्लों से होता हुआ नगर के वार्ड चार स्थित इमामा बारगाह में पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस जुलूस में पुंछ की प्राचीन परम्परा को निभाते हुए हिंदू एवं सिख समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। मेंहदी रात के जुलूस के उपरांत सातवें मुहर्रम की मातमी मजलिस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अंजुमन के पदाधिकारियों अनवर हुसैन वांटू, इफतिखर बज्मी, साबर हुसैन, शफीक हुसैन बाबा ने बताया कि इमाम हुसैन के साथ करबला के मैदान में मानवता के लिए बलिदान देने वाले 72 शहीदों की याद में दुनियां भर में इन दिनों मुहर्रम का मातमी महीना मनाया जा रहा है। जिसमें सातवां मुहर्रम 13 वर्षीय शहजादा कासिम की याद में मनाया जाता है। जिसमें शहजादा कासिम जोकि इमाम हुसैन के भाई के फरजंद थे उन्हें करबला के मैदान में उस छोटी सी उम्र में बड़ी ही क्रूरता से शहीद किया गया था। उनके बलिदान का आज दुनियां याद करते हुए उनका मातम मनाती है उसकी कड़ी में पुंछ में भी मेंहदी रात का जुलूस निकाला गया है।