संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जम्मू-कश्मीर प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का 11 जून से शुरू हुआ 21 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (प्रथम वर्ष) शनिवार को औपचारिक रूप से संपन्न हो गया। समापन समारोह सांबा जिले के एम.वी. इंटरनेशनल स्कूल, 17 माइल्स, विजयपुर में वर्ग स्थल पर आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग अभ्यंकर ने कहा कि देश में जब भी कोई आपदा आती है तो संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का विचार ही देश की सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है। इसी विचार को लेकर संघ आगे बढ़ रहा है। सर्वधर्म समभाव, वसुधैव कुटुंबकम और एकम् सद् विप्रा बहुदा वदन्ति के मूल सिद्धांत पर संघ काम कर रहा है।
संघ शिक्षा वर्ग में जम्मू-कश्मीर प्रांत के विभिन्न स्थानों से 200 से अधिक तथा अन्य प्रांतों से 28 स्वयंसेवकों ने संघ की दृष्टि से प्रशिक्षण प्राप्त किया। संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में सभी स्वयंसेवकों ने एक साथ योगाभ्यास का प्रदर्शन किया। समापन समारोह की अध्यक्षता पंडित प्रेम नाथ डोगरा मेमोरियल शासकीय डिग्री कॉलेज, सांबा में एजूकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम सिंह ने की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग अभ्यंकर मुख्य वक्ता थे। इस अवसर पर जम्मू कश्मीर के आरएसएस के विभिन्न पदाधिकारियों के अलावा सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों के प्रमुख नागरिक भी उपस्थित थे। वर्ग कार्यवाह सुरेन्द्र कुमार ने संघ शिक्षा वर्ग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वर्ग के दौरान विजयपुर कस्बे से गरवाल गांव तक पथ संचलन भी निकाला गया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे पंडित प्रेम नाथ डोगरा मेमोरियल शासकीय डिग्री कॉलेज, सांबा में एजूकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में तीन बड़े संकट हैं। पहला वैश्विक आतंकवाद, दूसरा ग्लोबल वार्मिंग जिसका मुख्य कारण अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का अधिक से अधिक दोहन करना है। तीसरा पारिवारिक विखंडन एकल परिवार है जिसके अंतर्गत वृद्धाश्रमों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन समस्याओं के समाधान के लिए संघ के स्वयंसेवक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो देश, राष्ट्र, विश्व और समाज की चिंता करते हुए व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया में जुटा है।