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Jammu: जम्मू में ड्रग ओवरडोज से मौतें बढ़ी, अस्पतालों में युवा पीड़ित, नशे की लत पर नियंत्रण पाने की जरूरत

Mon, 30 Dec 2024 12:12 PM IST
निकिता गुप्ता अमित कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू में नशे का बढ़ता चलन जानलेवा बन गया है, जहां हर महीने जीएमसी जम्मू के आईसीयू में 10-15 ड्रग ओवरडोज के मामले पहुंच रहे हैं, और तीमारदारों से पीड़ित के नशे की पूरी जानकारी न मिलने से इलाज में मुश्किलें आ रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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समाज में नशे का बढ़ता चलन जानलेवा हो रहा है। नशे की ओवरडोज के मामलों में युवा मौत के मुंह में जा रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले ऐसे पीड़ितों के इतिहास के बारे में तीमारदारों की तरफ से पूरी जानकारी न देने से उनमें ड्रग रिएक्शन का खतरा भी बढ़ा है।जीएमसी जम्मू के आईसीयू में हर माह 10 से 15 ड्रग ओवरडोज के मामले पहुंच रहे हैं।

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इनमें 17 से 30 साल आयु वर्ग के युवा अधिक पीड़ित हैं। युवाओं में हेरोइन का नशा बढ़ा है। शहर के विभिन्न इलाकों से कई लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जा चुके हैं, जिनके ड्रग ओवरडोज से मरने की आशंका है। पीड़ित के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी दें तीमारदार : एचओडी: जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी डाॅ. अनीता विज के अनुसार ड्रग ओवरडोज के मामलों में तीमारदारों द्वारा पीड़ित के बारे में पूरी जानकारी न देना कई बार उसे इलाज में दिक्कत करता है।

ऐसे मामलों में पीड़ित में ड्रग रिएक्शन का खतरा अधिक रहता है। अगर डाॅक्टर को पहले ही उसके नशे के बारे में जानकारी होगी तो वह उसके मुताबिक उसे बेहतर चिकित्सा दे सकता है। तीमारदारों को अपने मरीज के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित हैपेटाइटिस, एचआईवी आदि से पीड़ित होते हैं, जिससे चिकित्सा स्टाफ को भी खतरा रहता है।

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