मुद्दा नियमितीकरण का : तय 500 रुपये दिहाड़ी, मिल रहे 311 रुपये
कई बार दिहाड़ी बढ़ने की मांग कर चुके हैं अस्थायी कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेशभर में सेवारत अस्थायी कर्मचारियों को लद्दाख यूटी की तर्ज पर मानदेय नहीं मिल रहा है। यूटी बनने के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उन्हें 500 रुपये दिहाड़ी मिलेगी, लेकिन राज्य नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ। महज 11 रुपये का इजाफा 2023 में हुआ। हालांकि, यूटी लद्दाख में दिल्ली की तर्ज पर 500 रुपये दिहाड़ी जारी हो रही है।
प्रदेशभर में 61 हजार से ज्यादा कर्मचारी सेवारत है। कर्मचारियों का कहना है कि न तो उन्हें नियमित किया जा रहा है और न ही उनकी दिहाड़ी में इजाफा हो रहा है। इससे महंगाई में परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन और रैलियां कर भी कर्मचारी रोष व्यक्त कर चुके हैं।
मानदेय न बढ़ने का कारण प्रशासन बजट न होने का हवाला देता रहा है। कर्मचारियों को मौजूदा समय में किसी भी हेड में नहीं रखा गया है। इस कारण समय-समय पर आने वाली ग्रांट से कर्मचारियों को मानदेय की अदायगी हो रही है। वहीं, लद्दाख यूटी ने नियमों को लागू किया और दिहाड़ी में इजाफा किया है।
दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना हो रहा मुश्किल
पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारी रवि हंस, होशियार सिंह, राजेंद्र सिंह ताज, मोहन लाल शर्मा और नवदीप सिंह ने कहा कि 20 मार्च रात आठ बजे से हड़ताल शुरू हो जाएगी। सरकार उनकी मांगों को हल नहीं कर रही है। अब कर्मचारी हड़ताल कर कामकाज बंद रखेंगे। कर्मचारियों को मानदेय भी कम मिल रहा है। इससे दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है।
क्या-क्या काम करते हैं कर्मचारी
अस्थायी कर्मचारी जलशक्ति विभाग में सुबह चार बजे से लेकर शाम आठ बजे तक पानी छोड़ने का काम देखते हैं। सिंचाई विभाग में नहरों का रखरखाव काम देख रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग में लाइनमैनों के साथ काम कर रहे हैं। इसी तरह कृषि, बागवानी, पशुपालन, इस्टेट और अन्य 54 विभागों में विभागीय काम को निपटा रहे हैं।