मुद्दा नियमितीकरण का : 2014 से लेकर अब तक मामला लंबित, सैकड़ों कर्मचारी बिना लाभ के सेवानिवृत्त
बजट की कमी बताकर रोकी गई बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग में सेवारत 32 हजार से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों को 70 माह के मानदेय का भुगतान सरकार ने नहीं किया है। इससे कर्मचारियों में खासा रोष है। कर्मचारी वेतन अदायगी के लिए दो साल से संघर्ष कर रहे हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। यह मानदेय 2014 से लेकर अब तक है।
पहले बजट कम मिलने के कारण मानदेय की अदायगी नहीं हुई। अभी तक 100 से ज्यादा कर्मचारी बिना वेतन लिए ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारी रवि हंस, होशियार सिंह, राजेंद्र सिंह ताज, मोहन लाल शर्मा और नवदीप सिंह ने कहा कि इस बारे में लिखित तौर पर भी अधिकारियों को जानकारी दी गई है।
प्रदर्शन और रैली के बाद मानेदय जारी करने का आश्वासन जरूर मिला मगर अदायगी नहीं हो पाई। कर्मचारियों ने सर्दी और गर्मी में विपरीत परिस्थितियों में काम किया है। सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों का मानदेय जारी करें। कर्मचारियों को पहले ही 311 रुपये दिहाड़ी हर रोज मिल रही है। अब मानदेय भी जारी नहीं होने से परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी आ रही है।
इसलिए जारी नहीं हुआ मानदेय
जलशक्ति विभाग, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का अलग-अलग योजनाओं के तहत मानदेय तय है। इस दौरान योजनाओं में बजट कम मिला। ऐसे में कर्मचारियों को कभी तीन माह तो कभी छह बाद मानेदय जारी हुआ। मानदेय हर साल दो से तीन माह का रुकता रहा। कर्मचारियों को लाभ नहीं मिला है।
अब क्यों नहीं मिल रहा
जिस समय मानदेय रुका उस समय राज्य नियम लागू थे। यूटी बनने के बाद नियमों में बदलाव हुआ है। इस कारण लंबित मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। यूटी बनने के बाद अस्थायी कर्मचारियों को हर माह मानेदय जारी हो रहा है।
अब क्या होगा
अगर 20 तक कोई घोषणा नहीं होता है तो कर्मचारी अब 72 घंटे के लिए हड़ताल शुरू करेंगे। इस दौरान पानी की आपूर्ति प्रदेशभर में बाधित रखेंगे।