अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर लोग विभिन्न धार्मिक स्थलों और जलस्रोतों में स्नान कर पूजा-अर्चन करेंगे। इसी के साथ अब शुभ मुहूर्त भी शुरू हो जाएंगे।
अब खरमास खत्म हो गया है। शादियां के लग्न 16 जनवरी से शुरू हो रहे हैं। साल के अंत में यानी 12 दिसंबर से लेकर 30 जनवरी 2026 तक शुक्र तारा अस्त रहेगा। इस दौरान शादी समारोह नहीं होंगे। जनवरी से लेकर दिसंबर तक शादी समारोहों का आयोजन होगा। शादी समारोह के अलावा मुंडन भी होंगे।
इस साल के विवाह मुहूर्त
जनवरी : 16, 17, 18, 19, 21, 22, 24 और 30
फरवरी : 4, 7, 14,15,18, 19, 20, 21, और 25
मार्च : 3, 5 ,6 और 12
अप्रैल : 14, 16, 18, 19, 20, 21, 22, 25, 29 और 30
मई : 1, 5, 6, 7, 8, 12,15,17, 18,19 और 28
जून : 1, 2, 4, और 7
जुलाई : 11, 12,13, 20, 21, 28, 29 और 31
अगस्त : 1, 3, 6, 7, 8, 9, 13, 17, 18, 24, 25, 28 और 29
सितंबर : 1, 2, 3, 4, 5, 22, 26, 27 और 29
अक्टूबर : 1, 2, 3, 7, 11, 22, 24, 26, 27, 28, 29, 30 और 31
नवंबर : 2, 3, 7, 8, 12, 13, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 और 30
दिसंबर : 4, 5, और 6
विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरु और शुक्र तारा का उदय
श्रीकैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरु और शुक्र तारा का उदय होना, साथ ही शुभ मुहूर्त का होना बहुत महत्वपूर्ण है। 11 दिसंबर से लेकर 13 जनवरी 2025 तक विवाह का कोई भी शुभ विवाह मुहूर्त नहीं था। 13 जनवरी के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
ऐसी रहेगी नए साल में गृहों की चाल
जैन बाजार से आचार्य राजभूषण ने कहा कि नए साल में 29 मार्च से मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी। सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या गोचर करेगा। कामकाज और स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। 30 अप्रैल से सात जून मंगल अपनी नीच राशि में रहेंगे।