कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रदेश में शराब की दुकानें बंद होने पर पंजाब से अवैध ढंग से शराब लाने का काम तेजी से बढ़ा है। हर रोज पुलिस शराब का अवैध धंधा करने वालों को गिरफ्तार कर रही है। शनिवार को भी हाईवे पर नाके के दौरान चड़वाल पुलिस ने एक वैगनआर गाड़ी से 22 बोतलें शराब बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट स्पेशल ब्रांच की एक टीम ने तरनाह नाला पुल के नजदीक वैगनआर नंबर जेके 17 - 3878 को रोका और तलाशी ली। इस दौरान गाड़ी में से 22 बोतलें शराब की बरामद हुई जो पंजाब से अवैध ढंग से लाई जा रही थीं। टीम ने शराब की बोतलों सहित गाड़ी में सवार दो लोगों को चड़वाल चौकी प्रभारी के हवाले कर दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राकेश कुमार निवासी बमियाल पंजाब, सरवन कुमार निवासी किश्तवाड़ के रूप में हुई है।पुलिस ने एफ आई आर नंबर 84/21 धारा 48ए, 50 एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कठुआ कमलेश पंडित ने ड्रग डीलर मो अशरफ शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी। एक अन्य आरोपी व्यक्ति वजीर चंद के खिलाफ 12 मई को अदालत के समक्ष चालान पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार 17 नवंबर 2020 को थाना हीरानगर की पुलिस पार्टी एसआई अरुण सलाथिया के नेतृत्व में रेलवे पुल के पास दयालाचक में गश्त पर थी। लगभग 6 बजे गश्त के दौरान एक व्यक्ति को दयाला चाक से डिंगा अम्ब की ओर जाते हुए देखा गया, जिसने अपने कंधे पर एक बैग रखा, जिसने पुलिस पार्टी को देखकर भागने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने उसे दबोच लिया। उक्त व्यक्ति ने अपना नाम दिलबाग सिंह निवासी कतली बताया। तलाशी के दौरान 500 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
जांच के बाद सामने आया कि उक्त दिलबाग का यहां आवेदक सहित अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलना तय था, जो नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने में शामिल थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कठुआ कमलेश पंडित ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी व्यक्ति की तरह नशीले पदार्थों के तस्कर मानव जाति विशेष रूप से समाज के युवा वर्ग के बीच नशीले पदार्थों और नशीले पदार्थों की लत फैला रहे हैं, जो उन्हें उसी का गुलाम बना रहे हैं, जो न केवल नशेड़ी बन जाते हैं उनका जीवन खराब करते हैं लेकिन उनके परिवार के सदस्यों के जीवन को भी बर्बाद करते हैं। ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती है।