अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बहुचर्चित ज्यूल चौक हत्याकांड को पुलिस ने लगभग सुलझा लिया है। हत्याकांड में मुख्य रूप से शामिल आरोपियों में से एक पिस्ताैल सहित गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य अभी फरार हैं।
हत्या का कारण मुख्य रूप से पुरानी रंजिश ही बताया गया है। हत्या को अंजाम देने वाले खौफ गैंग को शक था कि कठुआ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए खौफ गैंग के सदस्य शुन्नु की सूचना सुमित गटरू ने पुलिस को दी थी। इसी का बदला लेने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया। इस मामले को सुलझाने में जिला पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) की भी अहम भूमिका बताई जा रही है।
हत्या में इस्तेमाल किए गए तीनों वाहन बरामद कर लिए गए हैं। इनमें दो कारें और एक स्कूटी शामिल हैं। एक कार जम्मू के सिद्धड़ा, दूसरी सांबा और स्कूटी परमंडल मोड़ से बरामद हुई थी।
सूत्रों का कहना है कि एसओजी ने पुलिस को मुख्य आरोपियों के नाम, इनके सहयोगियों, पनाह देने वालों से लेकर इनके द्वारा इस्तेमाल किए वाहनों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई। पुलिस जल्द ही इस संबंध में अधिकारिक तौर पर खुलासा कर सकती है। मुख्य आरोपियों में आरएस पुरा, सतवारी, तालाब तिल्लो, बिक्रम चौक व जीवन नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ज्यूल चौक पर दिया था हमले को अंजाम: बता दें कि 19 जनवरी को शहर की सबसे व्यस्त ज्यूल चौक पर दिनदहाड़े विजयपुर के रहने वाले सुमित जंडयाल की हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने सरेआम काम सवार सुमित पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के कुछ देर बाद ही खौफ गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ये उनके भाई शुन्नू की हत्या का बदला है। शुन्नु कठुआ में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। शुन्नु खौफ गैंग का सदस्य था। खौफ गैंग को शक था कि सुमित ने शुन्नु के कठुआ में होने की सूचना पुलिस को दी थी।