राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से चालू हुए बिना टोल टैक्स की दरें बढ़ाए जाने पर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है। अदालत ने कहा- लखनपुर से उधमपुर तक जनता के उपयोग के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरी तरह से चालू होने तक लखनपुर और नगरोटा के बन टोल प्लाजा पर यात्रियों से 26 जनवरी 2024 से पहले लागू दरों का 20 प्रतिशत ही टोल टैक्स वसूला जा सकता है। यानी बढ़ोतरी से पहले के टोल में भी 80 प्रतिशत तक कटौती हो जाएगी। इससे सड़क मार्ग से माता वैष्णो देवी और अमरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ प्रदेश के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।
मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान और न्यायमूर्ति एमए चौधरी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनवरी 2024 में सांबा में सरोर टोल बंद करके लखनपुर टोल प्लाजा पर 55 प्रतिशत तक टोल शुल्क बढ़ा दिया गया था। इसके बाद बन टोल प्लाजा पर भी टोल शुल्क बढ़ाया गया था। जनहित याचिका में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्यों के चलते बाधाएं और डायवर्जन हैं। इससे यात्रा का समय तीन से चार घंटे बढ़ा है। वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और ईंधन की खपत पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। जनहित याचिका में इन तर्कों के साथ लखनपुर टोल प्लाजा, कठुआ, ठंडी खुई टोल प्लाजा और बन टोल प्लाजा, नगरोटा में टोल दरों में राहत दिए जाने की गुजारिश की गई थी।
अदालत ने कहा कि ठंडी खुई टोल प्लाजा के बंद होने के बाद 26 जनवरी 2024 से लखनपुर से उधमपुर तक पड़ने वाले दोनों टोल प्लाजा (लखनपुर व वन टोल प्लाजा) पर दरें बढ़ाने का आदेश वापस लिया जाए। एक सप्ताह के भीतर दरें वापस लेना सुनिश्चित किया जाए।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कहीं भी 60 किमी. के दायरे में दो टोल प्लाजा हैं तो हटाए जाएं
खंडपीठ ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के 60 किलोमीटर के भीतर कोई टोल स्थापित नहीं करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि अगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 किलोमीटर के भीतर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर या केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कोई टोल प्लाजा है, तो उसे दो माह के भीतर हटाया जाए।
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कर्मी न रखे जाएं, पुलिस सत्यापन के बाद ही तैनाती हो
अदालत ने कहा कि टोल प्लाजा पर किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को काम पर न रखा जाए। पुलिस सत्यापन के बाद ही कर्मचारियों की तैनाती हो। सत्यापन में कोई कमी रहने पर संबंधित थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
अदालत की तल्ख टिप्पणियां
- वाजिब हो टोल शुल्क...राजस्व उत्पादन तंत्र का स्रोत न बनाएं
- अदालत ने कहा, केवल आम जनता से पैसा कमाने के एकमात्र उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में टोल प्लाजा की बाढ़ नहीं आनी चाहिए।
- अधिक टोल शुल्क से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपना खजाना भर रहा है। निजी ठेकेदार भी कमाई से अपने को मजबूत कर रहे हैं
- टोल शुल्क आम जनता के लिए उचित होना चाहिए न कि राजस्व उत्पादन तंत्र का स्रोत। इसलिए केंद्रीय मंत्रालय को टोल प्लाजा पर उचित और वास्तविक टोल शुल्क लगाने पर पुनर्विचार करना चाहिए