हाईकोर्ट ने लंबित मामलों के जल्द निपटारे की तैयार की कार्ययोजना
वरिष्ठ नागरिकों और बीमार व्यक्तियों से जुड़े मुकदमों के निपटान को दी जाएगी प्राथमिकता
गौरव रावत
जम्मू। जम्मू जिला न्यायालय में कुल 68,063 मुकदमे लंबित हैं। इनमें से 5,467 यानी कि आठ फीसदी मुकदमे ऐसे हैं, जो दस साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। कुल लंबित मुकदमों में से 6,264 यानी कि करीब नौ फीसदी मुकदमे ऐसे हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों द्वारा दायर किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने दस साल से ज्यादा से लंबित मुकदमों के जल्द निपटान के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए 30 जून, 2025 तक की समयसीमा भी तय की गई है।
राज्य न्यायालय मामलों की प्रबंधन समिति के पत्र के अनुसार उच्च न्यायालय को विभिन्न न्यायालयों से मिली रिपोर्ट से पता चलता है कि कुछ न्यायालयों में दस साल से ज्यादा पुराने मुकदमों की संख्या काफी अधिक है। पत्र के अनुसार ऐसे सभी न्यायालयों को जून 2025 के अंत दस साल से ज्यादा पुराने मुकदमों के समाधान में तेजी लाने के लिए कहा गया है।
पत्र के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों और बीमार व्यक्तियों से जुड़े मुकदमों के निपटान को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के कार्यान्वयन की निगरानी खुद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इसके अलावा पत्र में जिला न्यायालयों को कहा गया है कि वे पुराने मुकदमों में बार-बार और अनावश्यक तारीख न दें। यदि तारीख देना जरूरी है तो तारीखों की समय अवधि छोटी हो, इस बात का ध्यान रखा जाए।
हाईकोर्ट में 7239 मुकदमे में दस साल से ज्यादा से लंबित
राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के आंकड़ों के अनुसार जम्मू जिला न्यायालय में 68,063 मुकदमे लंबित हैं। इनमें से 30,156 मुकदमे सिविल, तो 37,907 मुकदमे आपराधिक किस्म के हैं। कुल लंबित मुकदमों में से 5,467 यानी कि आठ फीसदी मुकदमे दस साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। दस साल से ज्यादा से लंबित मुकदमों में आपराधिक मुकदमों की बजाय सिविल मुकदमों की संख्या ज्यादा है। 51 फीसदी मुकदमे सिविल, तो 49 फीसदी मुकदमे आपराधिक किस्म के हैं। इसी तरह जिला न्यायालय जम्मू में 16,101 मुकदमे पांच से दस साल पुराने, 9170 मुकदमे तीन से पांच साल पुराने, 18853 मुकदमे एक से तीन साल पुराने, वहीं 18472 मुकदमे ऐसे हैं, जो एक साल से कम समय से लंबित हैं। इसके अलावा जिला न्यायालय में लंबित 4,586 मुकदमे ऐसे हैं, जो महिलाओं द्वारा दायर किए गए हैं। हाईकोर्ट में दस साल से ज्यादा लंबित मुकदमों की बात करें तो जम्मू खंडपीठ में 6,113 और श्रीनगर खंडपीठ में 1,126 मुकदमे हैं।