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Jammu News: हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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आरएस पुरा में दस साल पहले हरनेक सिंह की चाकुओं से गोद कर कर दी गई थी हत्या
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जम्मू। हत्या के मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू अमित शर्मा ने रेलवे पटरी टाली मोड़ आरएस पुरा निवासी तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर हरनेक सिंह निवासी वार्ड 12 तहसील (आरएस पुरा) की हत्या का आरोप साबित हुए हैं।
तीनों को सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया है। 8 जनवरी 2014 को शिकायतकर्ता अवतार सिंह ने घायल अवस्था में भाई उज्ज्वलजीत सिंह के साथ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह दोस्त हरनेक सिंह के साथ कार में जम्मू से रात करीब साढ़े आठ बजे घर जा रहे थे।
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कार को घर के पास गली में पार्क करने पर आरोपी हरविंदर सिंह उर्फ पिंका, अमरजीत सिंह उर्फ बाबू और हरचरण सिंह उर्फ चरना निवासी रेलवे पटरी टाली मोड़ (आरएस पुरा) ने हथियारों के साथ हमला कर दिया। उन्होंने पहले किरच से जानलेवा हमला किया और फिर बेसबॉल बैट से कार की विंड स्क्रीन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
उसके बाद हरचरण सिंह ने शिकायतकर्ता अवतार सिंह को कार से खींच लिया और हरविंदर सिंह ने किरच से हमला कर दिया। आरोपी अमरजीत सिंह और हरचरण सिंह ने हरनेक सिंह को वाहन से खींच लिया और आरोपी हरविंदर सिंह ने उस पर कई बार किरच से हमला किया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
न्यायाधीश ने पाया कि हत्या दोनों पक्षों के बीच सड़क को लेकर दुश्मनी के कारण हुई है। रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह हत्या दुर्लभतम में दुर्लभ मामलों की परिभाषा में आए। हरविंदर सिंह को धारा 302/307/34 आरपीसी और 4/25 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया गया। उसे आजीवन कारावास के साथ 10,000 रुपये, 5000 रुपये, 1000 रुपये जुर्माना और एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। जुर्माना न चुकाने पर संबंधित अपराधों में एक-एक माह का कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा। दोषी हरचरण सिंह को भी धारा 302/307/34 आरपीसी के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया गया है।
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उसे विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास, 10,000 रुपये, पांच साल की अवधि के कारावास, 5,000 रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई जाएगी। अमरजीत सिंह को धारा 302/307/34 आरपीसी के तहत दोषी पाया गया। उसे भी विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास, 10,000 रुपये जुर्माना, पांच वर्ष की अवधि के कारावास तथा 5,000 रुपये के जुर्माने, एक वर्ष की अवधि का कारावास की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर संबंधित अपराधों में एक-एक माह की अवधि के लिए अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जेएनएफ
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