चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने कश्मीर में बिगड़े हालात के बीच राष्ट्रवादी ताकतों का हौसला बढ़ाने के लिए जम्मू में एक दिन के शांतिपूर्वक बंद को देर शाम स्थगित कर दिया। चैंबर के बंद से राजनीतिक दलों की तरफ से भी प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया था।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने चैंबर के जम्मू बंद की आलोचना की थी। चैंबर अध्यक्ष ने दोपहर के समय पत्रकार वार्ता करके बंद की घोषणा की और देर शाम दावा किया कि कश्मीर के कुछ प्रभावशाली सिविल सोसायटी के लोगों ने उनसे संपर्क किया है और एक सप्ताह का समय मांगा है, ताकि तीनों संभाग के लोग एक मंच पर आ सकें और शांति बहाली का रास्ता चुन सकें। इसके चलते बंद को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
चैंबर के अनुसार जम्मू, लद्दाख और कश्मीर के सिविल सोसायटी के बीच आपसी बातचीत करके शांति बहाली पर चर्चा की जानी थी। कश्मीर के सिविल सोसायटी को भी आमंत्रित किया गया था।
कश्मीर से किसी भी तरह से कोई रिस्पांस नहीं आने के कारण साफ हो गया है जम्मू, कश्मीर के साथ नहीं है। लद्दाख और जम्मू की अपनी अलग पहचान है और कश्मीर में उठाई जा रही मांग के साथ नहीं है। देर शाम चैंबर ने आनन-फानन में बंद की घोषणा को वापस लिया।