अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू समेत अन्य मैदानी इलाकों में पारे में उछाल से रेस्पेरियटरी इंफेक्शन में खांसी, जुकाम, बुखार के साथ डायरिया दस्तक देने लगा है। दूषित पानी डायरिया के लिए जिम्मेदार बन रहा है। खासतौर पर तापमान में वृद्धि से प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर लोग अधिक प्रभावित होते हैं। जम्मू संभाग के पहाड़ी जिले हर साल डायरिया से प्रभावित होते रहे हैं।
गांधीनगर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रवीण योगराज का कहना है कि अभी डायरिया का दायरा नहीं बढ़ा है। लेकिन आगामी इससे काफी लोग प्रभावित हो सकते हैं। शहरी इलाकों से भी डायरिया के मामले रिपोर्ट होने लगे हैं। आगामी बरसात में डायरिया का अधिक प्रभाव दिखेगा। दूषित पानी ही अधिकांश पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।
ये हैं लक्षण
-कोई खाद्य पदार्थ लेने पर पेट मेें दर्द होना
-उल्टी और दस्त एक साथ लगना, हल्का या तेज बुखार होना
-पानी की कमी से मुंह का सूखना
ऐसे करें बचाव
-पानी को उबाल कर पीएं
-खाने को अधिक देर खुले में न रखें
-उल्टी या दस्त होने पर तुरंत डाक्टरी सलाह लें
-दूध से बने पदार्थों को उचित तापमान में रखें