फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu: शहर में दिवाली पर पांच साल में कम रहा प्रदूषण, बारिश से बैठ गए थे धूल के कण

Wed, 26 Oct 2022 11:52 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पिछले पांच वर्षों में शहर और आसपास के इलाकों में दिवाली पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार देखा गया है। यह स्तर मध्यम प्रदूषित श्रेणी में रहा है। इस साल दिवाली पर शहर में एक्यूआई 123 रहा जबकि वर्ष 2021 में 173, वर्ष 2020 में 186, वर्ष 2019 में 130 और वर्ष 2018 में 158 रहा था।
विज्ञापन
Jammu - फोटो : निखिल मेहता
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मंदिरों के शहर जम्मू में पिछले पांच साल की तुलना में इस बार में दिवाली पर प्रदूषण कम रहा। जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के विशेषज्ञ इसका कारण हाल ही में हुई बारिश को मान रहे हैं। बारिश से वातावरण में धूल के कण बैठ गए थे, जिससे अधिक प्रदूषण नहीं हुआ। इसके साथ लोगों में आतिशबाजी को लेकर जागरूकता को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रीन अतिशबाजी की ओर रुझान बढ़ना भी माना जा रहा है। 

विज्ञापन


हालांकि देर रात तक जम्मू जिले में पटाखे चलाए गए। जिला जम्मू में प्रदूषण का स्तर मापने के लिए जेकेपीसीसी कार्यालय भवन नरवाल जम्मू, एमएएम स्टेडियम ज्यूल और बिक्रम चौक वन सूचना केंद्र में यंत्र स्थापित किए गए हैं। दिवाली के 24 घंटे के भीतर नरवाल केंद्र से रेस्परीरेबल सस्पेंडेट पार्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम/पीएम 10) 159, एमएम स्टेडियम से 125 और बिक्रम चौक से 118 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। जबकि तीनों जगहों पर औसतन 134 रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले पांच साल की तुलना में कम है। 

हालांकि यह सामान्य 100 से थोड़ा अधिक है। इससे पहले 2021 में 210, 2020 में 229, 2019 में 144.6 और 2018 में 145 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया था। पीएम-10 मानव शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। इस श्रेणी वाले प्रदूषित कण नाक और मुंह के रास्ते शरीर में जमा होकर नुकसान पहुंचाते हैं। इससे एलर्जी और सांस संबंधी रोग बढ़ते हैं। 
विज्ञापन


इसी तरह आरएसपीएम 2.5 भी पिछले पांच साल की तुलना में लगभग कम रहा है। इस साल दिवाली पर आरएसपीएम 2.5 38.3 रिकार्ड दर्ज किया गया, जो वर्ष 2021 में 36.27, वर्ष 2020 में 58.8, वर्ष 2019 में 49.8 और वर्ष 2018 में 57.59 था। यह सामान्य में चौबीस घंटे के भीतर 60 तक होता है। समिति के क्षेत्रीय निदेशक सतपाल बाखरू कहते हैं कि पिछले कुछ सालों में प्रदूषण का स्तर गिरना अच्छा संकेत है। समिति के वरिष्ठ वैज्ञानिक व राज्य बोर्ड समीक्षक यशपाल ने कहा कि लोगों को ग्रीन आतिशबाजी की तरफ रुझान बढ़ाना चाहिए। इससे उनका त्योहार भी मन जाएगा और प्रदूषण कम होगा। 

पिछले दो सालों में कम रहा एसओ-2 और एनओ-2
जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो साल की तुलना में एसओ-2 और एनओ-2 का स्तर गिरा है। हालांकि यह सामान्य से थोड़ा अधिक है। इस साल सल्फर डायोऑक्साइड (एसओ-2) का स्तर 4.63 (लिमिट चौबीस घंटे 20, माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर) दर्ज किया गया है जो वर्ष 2021 में 6.93 और वर्ष 2.20 में 5.8 रिकॉर्ड किया गया था। इससे पहले यह स्तर 2019 में 4.61 और वर्ष 2018 में 57.59 था)। 

सामान्य में एसओ-2 और एनओ-2 में 80 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबीक मीटर होता है। यह गैस स्तर का प्रदूषण है, जो थर्मल प्लांट से निकलता है। यहां फिलहाल कोई थर्मल प्लांट नहीं चल रहा है। इसी तरह नाइट्रोजन डायोआक्साइड (एनओ-2) का इस साल स्तर 24.66 दर्ज किया गया जो वर्ष 2021 में 30.2 और वर्ष 2020 में 28.9 दर्ज किया गया था। वर्ष 2019 में यह स्तर 24.4 और वर्ष 2018 में 19.24 रिकार्ड किया गया था। 

शहर की एक्यूआई में सुधार 
पिछले पांच वर्षों में शहर और आसपास के इलाकों में दिवाली पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार देखा गया है। यह स्तर मध्यम प्रदूषित श्रेणी में रहा है। इस साल दिवाली पर शहर में एक्यूआई 123 रहा जबकि वर्ष 2021 में 173, वर्ष 2020 में 186, वर्ष 2019 में 130 और वर्ष 2018 में 158 रहा था। मध्यम प्रदूषित श्रेणी में 101 से 200 के बीच एक्यूआई होना चाहिए। हालांकि जम्मू में एक्यूआई अच्छे और संतोषजनक श्रेणी से बाहर है। इसमें अच्छे और संतोषजनक श्रेणी में एक्यूआई शून्य से 100 के बीच होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें