जम्मू शहर में अब पेड़ काटने के लिए वन विभाग से नहीं, बल्कि नगर निगम से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए दिल्ली, मुंबई और पुणे की तर्ज पर जम्मू में भी वृक्ष प्राधिकरण का गठन किया गया है। देश के कुछ ही शहरी स्थानीय निकायों में यह वृक्ष प्राधिकरण है, जिसकी सूची में जम्मू नगर निगम ने भी खुद को शामिल करवाया है। वीरवार को मेयर राजिंदर शर्मा ने इसके संचालन को लेकर बैठक की।
उन्होंने बताया कि उक्त वृक्ष प्राधिकरण हमें पेड़ काटने की अनुमति देने के लिए अधिकृत करता है। बताया कि संयोग से वृक्ष प्राधिकरण के लिए प्रस्ताव मेरे द्वारा पेश किया गया था जब वह स्थानीय निकाय में पार्षद थे। आज जब वे महापौर हैं और आज इसकी पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं तो प्राधिकरण का संचालन हो गया है।
पहले जब भी किसी को पेड़ काटना होता था तो उसे डीएफओ के दफ्तर जाना पड़ता था लेकिन अब ऐसे लोग अपने पार्षद से मिल सकते हैं जो संबंधित वृक्ष अधिकारी से बात करेंगे। इससे लोगों को लंबी चौड़ी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इससे समय बचेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि पेड़ों की ट्रिमिंग, कटाई अब सीमित और परेशानी मुक्त होगी। बताया कि पहले जब तूफान में कोई पेड़ गिर जाता था तो उसे साफ करने में दिक्कत होती थी लेकिन अब इस समस्या का भी वृक्ष प्राधिकरण समाधान करेगी और गिरे हुए पेड़ की लकड़ी को बेचा भी जा सकता है।
संभागीय वन अधिकारी, सामाजिक वानिकी जम्मू वृक्ष अधिकारी के रूप में कार्य करेगा, जबकि प्राधिकरण का अध्यक्ष महापौर होगा और इसमें डिप्टी मेयर, नगर निगम आयुक्त, मंडल वन अधिकारी, शहरी वानिकी प्रभाग, जम्मू और जिला बागवानी अधिकारी जम्मू सहित चार सदस्य होंगे। शहर में पेड़ों का रिकॉर्ड भी अब इस वृक्ष प्राधिकरण द्वारा रखा जाएगा। इसके अलावा जल्द ही हम कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हाइब्रिड सेब के पौधों को वितरित करेंगे, जो बंजर भूमि में भी फल देगा।