एकमात्र मौत, पिछले साल अक्तूबर में सात लोगों की गई थी जान
विशेषज्ञों का दावा-मच्छरों की ट्रांसमिशन चेन तोड़ने से मिली मदद
पारा गिरने से भी मामलों में आ रही गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डेंगू का डंक पिछले साल की तुलना में इस साल अक्तूबर में पीक पर होने के बावजूद अधिक जानलेवा नहीं रहा है। पिछले साल 10 पीड़ितों की डेंगू की वजह से जान गई थी, जिसमें 7 मौतें अक्तूबर में ही हुई थीं।
इस बार जीएमसी जम्मू में 15 अक्तूबर को एक 42 वर्षीय महिला की मौत हुई है। पिछले साल की तुलना में अब तक डेंगू के मामले भी कम मिले हैं। विशेषज्ञ इसका कारण जागरूकता और ब्लाक स्तर पर डेंगू परीक्षण का विस्तार आदि को मान रहे हैं।
इस बार अक्तूबर में डेंगू मामलों में गिरावट आने लगी है। पिछले कुछ सालों के ट्रेंड में अक्तूबर में ही डेंगू का डंक अधिक लगा है। पिछले साल कुल हुई मौतों में उधमपुर में 3, कठुआ में 3, जम्मू में 3 और राजोरी में एक पीड़ित की मौत हुई थी। अब नवंबर के शुरू होते ही डेंगू मामलों में गिरावट आ रही है। अब तक पांच हजार से अधिक डेंगू के मामले मिल चुके हैं।
इसमें जम्मू जिले से तीन हजार से अधिक मामले हैं। इसके अलावा सांबा से 539, कठुआ में 473, उधमपुर में 257, रियासी में 214, राजोरी में 125 और डोडा में 117 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। वर्ष 2023 में अब तक 38331 डेंगू परीक्षण की तुलना में इस बार अब तक 27809 परीक्षण ही किए गए हैं।
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गंभीर मामलों में आई कमी : रैना
स्टेट मलेरियाजिस्ट डाॅ. डीजे रैना ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार डेंगू परीक्षण में कमी का एक बड़ा कारण लोगों में जागरूकता का बढ़ना है। पिछले साल बड़ी संख्या में डेंगू के गंभीर मामले (एडवांस स्टेज) अस्पतालों में पहुंचे थे, लेकिन इस बार ऐसा कम हुआ है। पीड़ित भर्ती तोे हुए, लेकिन गंभीर मामलों में काफी गिरावट आई है। इससे पीड़ित को तत्काल चिकित्सा मिलने से मृत्यु दर में कमी आई है। इस बार ब्लाक स्तर पर डेंगू के सैंपल लिए गए, उससे भी मरीज को जल्दी चिकित्सा दी जा सकी है। पिछले साल ऐसी व्यवस्था नहीं थी और सैंपल के लिए पीड़ित को जिला स्तर पर आना पड़ता था। उससे कई मरीजों की हालत अधिक खराब हो जाती थी। इसके साथ इस बार निजी लैब में हो रहे डेंगू परीक्षण को समर्पित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया, इससे स्वास्थ्य टीमों द्वारा तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे डेंगू अधिक नहीं फैल सका। इससे मच्छरों की फैलने वाली ट्रांसमिशन चैन को रोकने में मदद मिली है। वर्ष 2022 में 18 लोगों की डेंगू से मौत हुई थी।
अक्तूबर में सप्ताह के अंत तक मिले मामले
6 अक्तूबर तक 658, 13 अक्तूबर तक 745, 20 अक्तूबर तक 736, 27 अक्तूबर तक 734, 3 नवंबर तक 510 मामले मिले हैं।
सीजन ऐसे पार हुआ हजार का आंकड़ा
21 सितंबर को 1056, तीन अक्तूबर को 2092, 13 अक्तूबर को 3000 और 22 अक्तूबर को 4095 और 2 नवंबर को मरीजों का आंकड़ा 5049 पहुंचा है।
तीन साल में अक्तूबर में आए मरीज
साल आंकड़ा
2022 3608
2023 2924
2024 3149