वर्ष प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन का प्रतिशत
अंक गणित पढ़ने को लेकर रुचि बढ़ी है। जिसके बाद 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी स्कूलों में नामांकन कराने में बालिकाओं ने बालकों को पीछे छोड़ा है। उन्होंने अपनी मजबूत
उपस्थिति दर्ज कराई है। विभिन्न आयु वर्गों में नामांकन का प्रतिशत इस प्रकार है।
| आयु वर्ग बालक |
नामांकन का प्रतिशत |
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10 से 16 वर्ष |
67.6सात से 10 वर्ष (बालक) |
54 |
| सात से 16 वर्ष (बालक) |
1.1 |
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सात से 10 वर्ष बालक व बालिकाओं में 0.411 से 14 वर्ष बालक बालिकाओं में 0.8
11 से 14 वर्ष बालक |
1.011 से 14 वर्ष बालिकाओं |
0.6 |
| |
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15 से 16 वर्ष बालक व बालिकाओं 3.815 से 16 वर्ष बालकों में 3.0
15 से 16 वर्ष बालिकाएं ऐसी रहीं जिनका नामांकन किसी स्कूल में नहीं कराया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शिक्षा विभाग की तरफ से प्रयासों के बाद भी शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार नहीं हुआ है। जारी आंकड़ों के अनुसार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम ने विभिन्न प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद़यालयों के निरीक्षणों की संख्या तो बढ़ी लेकिन शिक्षकों की उपस्थिति घटी है। यह रहे आंकड़े।
सभी आयु वर्ग के 48.5 प्रतिशत बच्चों के पास खुद का स्मार्ट फोन है।
इसके साथ ही बालकों में स्मार्ट फोन के प्रयोग का प्रतिशत 54.6 व बालिकाओं में यह प्रतिशत 42.5 दर्ज किया गया है। डिजिटल टास्क प्राप्त करने वाले 14 वर्ष के बालकों का प्रतिशत 69 दर्ज किया गया। वहीं 15 वर्ष की आयु वाले बालक व बालिकाओं का प्रतिशत 72.2 है। 16 वर्ष की आयु वाले बालक व बालिकाओं का डिजिटल टास्क प्राप्त करने का प्रतिशत 77 है। सभी आयु वर्ग के बालक व बालिकाओं का प्रतिशत 72.4 दर्ज किया गया है। जम्मू न्यूज, बच्चों की शिक्षा, गणित, डिजिटल शिक्षा, स्मार्टफोन, स्कूल नामांकन, बालिकाओं का नामांकन, शिक्षकों की अनुपस्थिति, डिजिटल लिटरेसी, प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, शिक्षा रिपोर्ट 2024, शिक्षा में सुधार