-33 साल से कैनाल नहर के किनारे कारोबार कर रहे कारोबारियों को स्थायी ढांचों की आस
- शेड बनाने के लिए नगर निगम ने निकाला था 43 लाख रुपये का टेंडर
- चैंबर चुनाव का मुख्य मुद्दा, कैनाल रोड पर जमीन चिह्नित करने की उठ रही मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चुनाव से दुकानदारों और कारोबारियों को काफी उम्मीदें हैं। खासतौर पर दशकों से एक ही जगह पर कारोबार कर रहे कारोबारियों को स्थायी ढांचे की उम्मीद है। इनमें कैनाल रोड स्थित फ्रूट एंड वेजिटेबल होलसेल, आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य शामिल हैं।
उनका कहना है कि तीन दशक से वे कैनाल नहर के किनारे कारोबार कर रहे हैं। इस बार चैंबर की नई टीम उन्हें स्थायी ढांचे दिलाने के लिए काम करेगी। उधर, चैंबर चुनाव के प्रत्याशियों ने प्रचार तेज कर दिया है। जांच के बाद प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा 20 अप्रैल को होगी और 11 मई को मतदान होगा।
कैनाल रोड स्थित फ्रूट एंड वेजिटेबल होलसेल, आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज शर्मा ने बताया कि स्थानीय सब्जी मंडी के दुकानदार 33 वर्षों से पटरी पर दुकानें लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। आज तक स्थायी दुकानों के लिए वे संघर्षरत हैं। दुकानदारों के लिए टिन शेड बनाने की पहल 2008 में शुरू की गई थी। लेकिन, बाद में इस पर काम नहीं हुआ। आज भी दुकानदार पटरी पर ही खुले आसमान के नीचे कारोबार करने के लिए मजबूर हैं।
43.10 लाख का निकाला गया था टेंडर, बनना था शेड
अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि कैनाल रोड सब्जी मंडी के दुकानदारों के लिए पक्का शेड बनाने के लिए 27 फरवरी 2008 को नगर निगम ने टेंडर निकाला था। इसकी अनुमानित लागत 43.10 लाख रुपये थी। 120 दिन में शेड बनाकर देने की समय सीमा तय थी। बाद में इस टेंडर का क्या हुआ आज तक पता नहीं चल सका। दुकानदार आज भी शेड का इंतजार कर रहे हैं।
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कैनाल रोड पर ही जमीन चिह्नित, लेकिन बना दिया पार्क
कैनाल रोड पर ही शिवधाम मंदिर से कुछ आगे दुकानदारों के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। बाद में इस जमीन को लेकर नगर निगम ने रुचि नहीं दिखाई। अब इस जमीन पर एक पार्क बना दिया गया है। नगर निगम को चाहिए कि दुकानदारों के हित को देखते हुए चंद्रभागा के पास ही जमीन दी जाए।
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फ्लाईओवर बनने के बाद हटेंगी दुकानें, भरण-पोषण की होगी समस्या
अध्यक्ष ने कहा कि कैनाल रोड पर फ्लाईओवर का काम पूरा होते ही दुकानदारों को उठा दिया जाएगा। इसके बाद वह कहां जाएंगे। यह बड़ी समस्या है, जिसे हल करना बेहद जरूरी है। इस मंडी से प्रत्यक्ष रूप से जहां 25 से अधिक सब्जी के थोक दुकानदार हैं और उनसे जुड़े तीन हजार से अधिक लोगों का भरण-पोषण हो रहा है। चैंबर चुनाव में इस मुद्दे को फिर से उठाएंगे, ताकि सब्जी आढ़तियों को न्याय मिल सके।