कहा, बिना छुट्टी के किया विभागीय काम, वेतन रोका नहीं जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से जिले के एक पटवारी को बड़ी राहत मिली है। पटवारी ने आवेदन में बताया था कि भले ही उसकी पोस्टिंग सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (जल शक्ति विभाग) में थी, लेकिन उसे राजस्व विभाग की तरफ से समय-समय पर कई काम दिए गए।
इन्हें उसने बिना किसी छुट्टी के पूरा किया। इसके बावजूद उसका वेतन रोक दिया गया था। पटवारी ने काम से जुड़े सरकारी आदेशों की प्रतियां भी पेश कीं। इन दस्तावेजों में यह साफ दिखा कि 15 अगस्त 2023 को उसे एसडीएम खौड़ द्वारा प्रशंसा पत्र दिया गया था।
इसके बाद 31 अक्तूबर 2023 को तहसीलदार खौड़ ने उसे अपने पटवार हलके में बैठने का आदेश दिया। 25 अप्रैल 2024 को उसे चुनाव ड्यूटी के दौरान भोजन वितरण का जिम्मा दिया गया। 13 जुलाई 2024 को एसडीएम खौड़ ने उससे समयसीमा के बाहर प्रमाण पत्र जारी करने पर जवाब तलब किया। 13 अगस्त 2024 को तहसील कार्यालय के एक सेक्शन में हफ्ते में दो दिन बैठने का निर्देश मिला।
30 सितंबर 2024 को उसे पोलिंग ऑफिसर के रूप में नामित किया गया। इसी तरह उसे कुल 11 बार अलग-अलग कार्यों के लिए निर्देश दिए गए। इन सभी दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने माना कि पटवारी ने लगातार राजस्व विभाग के काम किए और कभी भी बिना अनुमति के गैरहाजिर नहीं रहा।
-
अनधिकृत अनुपस्थित मानना गलत
कोर्ट ने कहा कि उसे अनधिकृत अनुपस्थित मानना गलत है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अब पटवारी को जल शक्ति विभाग में रिपोर्ट करना होगा, लेकिन उसे जम्मू जिले से बाहर नहीं भेजा जा सकता, क्योंकि वह जिला कैडर का कर्मचारी है। साथ ही, कैट ने निर्देश दिया कि उसे राजस्व विभाग में किए गए काम के लिए आठ सप्ताह के भीतर वेतन का भुगतान किया जाए।