अभ्यर्थियों ने कच्ची छावनी से लेकर अंबफला चौक तक कैंडल मार्च निकालकर रोष जताया। मार्च का कई जिलों के अभ्यर्थी, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, एनसी के फारूख अब्दुल्ला समेत अन्य राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने युवाओं का समर्थन किया है।
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के अभ्यर्थियों ने कच्ची छावनी से लेकर अंबफला चौक तक कैंडल मार्च निकालकर रोष जताया। विंकल शर्मा की अध्यक्षता में निकाले गए कैंडल मार्च का कई जिलों के अभ्यर्थी, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, एनसी के फारूख अब्दुल्ला समेत अन्य राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने युवाओं का समर्थन किया है। अंबफला चौक पर युवाओं ने अपने प्रवेश पत्र भी जलाए।
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फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि वह युवाओं के साथ हैं। संसद में भी युवाओं के इस मुद्दे को उठाया जाएगा। कच्ची छावनी में एकत्रित हुए युवाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस को तैनात रही। युवाओं ने एप्टेक गो बैक के नारे लगाए। जब अभ्यर्थी राजभवन की ओर बढ़े तो यातायात बंद कर दिया। युवाओं ने कहा कि उन्होंने सरकार को शांतिपूर्ण तरीके से समझाने की कोशिश की, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विंक्ल शर्मा ने कहा कि आवाज को दबाया जा रहा है। इसकी खास वजह है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। सरकार इसलिए उनकी आवाज नहीं सुनती है। अभ्यर्थी अतुल सूदन ने कहा कि चार प्रमुख मांगे हैं। एप्टेक से परीक्षा आयोजित न करवाई जाए। जेके एसएसबी पेपर खुद परीक्षा ले। किश्तवाड़ के अनिल ने कहा कि लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। पहले भी परीक्षा दी थी। घोटाले के चलते मेहनत काम नहीं आई है। जीवन ज्योति ने कहा कि अधिकार की आवाज उठाने लाठीचार्ज किया जाता है । सरकार खुद पीछे और पुलिस को आगे करती है। चह अत्याचार युवा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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युवाओं ने प्रवेश पत्र भी जलाए
युवाओं ने अपने प्रवेश पत्र भी जलाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे। कैंडल मार्च के दौरान कच्ची छावनी सड़क बंद रखी गई। इस दौरान लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी आई। रसूल अहमद ने कहा कि वह बीमार हैं। घर जा रहे हैं। लेकिन बीच में कोई गाड़ी नहीं है। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह शहर में नौकरी करते हैं। घर जा रहे थे, लेकिन गाड़ी नहीं है।