अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हरी इलायची के तीन सौ रुपये महंगे होने से चाय और खाने का जायका बिगड़ गया है। जनवरी माह में थोक मूल्य 700 रुपये के साथ 3700 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। हालांकि, नवंबर में तीन हजार रुपये प्रतिकिलो दाम था। दिसंबर में 400 रुपये तो जनवरी में 300 रुपये दाम बढ़े।
रिटेल दुकानों में 4600 किमी प्रति किलो के हिसाब से इलायची की बिक्री हो रही है। बड़ी इलायची का प्रयोग चाय के अलावा दालों में स्वाद बढ़ाने के लिए भी होता है।
इसके अलावा बीमार होने पर भी इसका सेवन किया जाता है। हर घर में इलायची की खरीद होती है। हालांकि, पहले बड़ी इलाचयी के दाम में इजाफा हुआ था। थोक मूल्य 1500 से 1800 रुपये तक पहुंच गए हैं।
इलायची के दाम बढ़ने का काराण पैदावार कम होना है। दक्षिण भारत से इलायची की आपूर्ति प्रदेश में हो रही है। अब डिमांड ज्यादा है जबकि आपूर्ति कम है। इस कारण दामों में इजाफा हुआ है।