इसके अलावा पुरुषों के साथ महिलाएं भी सिर ढकने के बाद ही दरबार में हाजिरी लगा पाएंगी। प्रबंधन ने लोगों से मंदिर की मर्यादा बनाए रखने और अनुशासन का पालन करने की अपील की है।
शहर की नगर माता के मंदिर के रूप में मशहूर बावे वाली माता के दरबार में अब निक्कर व कैपरी पहन कर लोग दर्शन नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा पुरुषों के साथ महिलाएं भी सिर ढकने के बाद ही दरबार में हाजिरी लगा पाएंगी। प्रबंधन ने लोगों से मंदिर की मर्यादा बनाए रखने और अनुशासन का पालन करने की अपील की है।
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मंदिर के महंत बिट्टा पुजारी ने कहा कि मंदिर की गरिमा कायम रखने के लिए यह लोगों से अपील है। उन्होंने कहा, ऐसा देखा जा रहा है कि श्रद्धालु निक्कर या कैपरी पहन कर आ रहे हैं। महिलाएं भी बिना सिर ढंके खुले केस के साथ पहुंच रही हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में धोती, रुमाल और महिलाओं के लिए चुनरियां रखी गई हैं। इसका आशय यह है कि धार्मिक स्थलों पर अनुशासन बना रहे।