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Jammu News: वकीलों के बड़े समूहों को अपनी ओर करने की होड़, डिनर डिप्लोमेसी भी तेज

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चुनाव से दो पहले वोटर मीट की भी संभावना, एक और प्रधान पद के उम्मीदवार ने कराया वकीलों को भोज
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बार एसोसिएशन के चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। दिन नजदीक आते ही उम्मीदवारों की धड़कनें भी तेज हो रही हैं। ऐसे में तमाम उम्मीदवारों की वकीलों के बड़े समूहों को अपनी तरफ खींचने की होड़ लगी है। खासकर प्रधान पद के उम्मीदवारों में।
माना जाता है कि बार चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के समूह हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। क्योंकि, हर एक समूह का 40 से 50 वकीलों तक प्रभाव रहता है। ऐसे में प्रधान पद के उम्मीदवार चाहते हैं कि अधिक से अधिक समूह उनकी तरफ हों।
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पूर्व में किए गए वादों को लेकर भी समूहों के साथ चर्चा की जा रही है। पूर्व में जीते उम्मीदवार यहां एक बार फिर मौका देने की अपील कर रहे हैं तो पहली बार लड़ने वाले पुराने वालों को निशाना बनाकर उनका साथ देने की गुहार लगा रहे हैं। उधर, उम्मीदवारों में डिनर डिप्लोमेसी भी तेज हो गई है।
एक और प्रधान पद के उम्मीदवार ने बीते दिन वकीलाें के लिए डिनर का आयोजन किया। वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधान पद के उम्मीदवारों को देखकर अब महासचिव पद के उम्मीदवारों में भी डिनर के आयोजनों को लेकर चर्चाएं हैं। चुनाव से ठीक दो दिन पहले 5 दिसंबर को वकीलों के लिए भोज की संभावना है।
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इसे लेकर भी विचार किया जा रहा है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एस सी जलमेरिया पूर्व में वोटर मीट कराते आए हैं।


चलेगा तीन के अंक का जादू या बजेगा एक का डंका
प्रधान पद के लिए इस बार पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसा पहली बार है। वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल कोतवाल और अभिनव शर्मा दोनों ही तीसरी तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। फर्क इतना है कि निर्मल कोतवाल दो बार हार चुके हैं और अभिनव शर्मा दो बार जीत चुके हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तीसरी बार अभिनव शर्मा जीत का रिकार्ड बना सकते हैं या निर्मल कोतवाल जीतकर ये रिकार्ड तोड़ सकते हैं। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुंडल, रोहित शर्मा और युवा अधिवक्ता रोहित शर्मा पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से कोई जीत गया तो पहली बार में ही चुनाव लड़ कर जीतने का रिकार्ड बनेगा।
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