जस्टिस टीएस ठाकुर जम्मू बार अध्यक्ष से देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचे
प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, आंध्र प्रदेश के चीफ जस्टिस भी जम्मू बार से निकले
अजय मीनिया
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू के चुनाव का मंच सज चुका है। प्रत्याशी मैदान में हैं। यह चुनाव सबसे प्रतिष्ठित चुनावों में शुमार है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि, जम्मू-कश्मीर बार ने न्यायिक व्यवस्था चलाने के लिए कई जज दिए हैं। खासकर जम्मू बार ने। इस क्रम में सबसे बड़ा नाम टीएस ठाकुर का है।
वह प्रदेश के पहले ऐसे वकील हैं, जो जम्मू बार के अध्यक्ष बने। फिर देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। यहां तक कि मौजूदा समय में भी जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जम्मू बार से निकले हैं।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्टन, आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार, रजनीश ओसवाल, राहुल भारती, वसीम नरगल व जावेद इकवाल वानी जम्मू बार के सदस्य रह चुके हैं।
दो महिला जज भी
हाईकोर्ट के मौजूद न्यायाधीशों में दो महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। सिंधु शर्मा जम्मू बार एसोसिएशन की उप प्रधान रह चुकी हैं। वह इस समय हाईकोर्ट में न्यायाधीश हैं। इसके अलावा मोक्शा खजूरिया काजमी भी हाईकोर्ट जम्मू-कश्मीर की न्यायाधीश हैं। वह जम्मू और श्रीनगर दोनों बार की सदस्य रह चुकी हैं।
1986 में बार के अध्यक्ष बने थे जस्टिस ठाकुर
तीर्थ सिंह ठाकुर वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने। वह 1986 में जम्मू बार के अध्यक्ष बने थे। चीफ जस्टिस बनने के बाद जम्मू बार एसोसिएशन ने उनके लिए भव्य कार्यक्रम रखा था।
यही है बार की खूबसूरती
बार एसोसिएशन के दो बार अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता एमके भारद्वाज का कहना है कि यही तो बार की खूबसूरती है। इस बार ने बहुत जज दिए हैं, जो वकीलों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बार का चुनाव सिर्फ एक चुनाव नहीं है, बल्कि वकीलों के मान सम्मान और उनके संघर्ष को आगे ले जाने वाला संगठन है। लिहाजा, बार का चुनाव लड़ने वाले इसकी विश्वसनीयता, मान सम्मान को बनाए रखें और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराएं।