कश्मीर संभाग के बांदीपोरा में बंसल ब्रांड के हल्दी पाउडर में चमड़े, कागज व कपड़े की रंगाई में इस्तेमाल होने वाली सिंथेटिक डाई मेटानिल यलो की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने हल्दी पाउडर के बैच नंबर एचपी-37 की बिक्री, भंडारण और वितरण पर रोक लगा दी है। मेटानिल येलो का खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
बांदीपोरा स्थित हाजिन के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने हल्दी पाउडर के बैच नंबर एचपी-37 का नमूना लिया था। दिल्ली स्थित एफआईसीसीआई रिसर्च एंड एनालिसिस सेंटर की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में नमूने को मेटानिल येलो की मौजूदगी के कारण असुरक्षित पाया गया। इसके बाद नामित जांच अधिकारी जाहूर अहमद शेख ने 21 अक्तूबर को आदेश जारी कर संबंधित बैच की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया। यह जांच रिपोर्ट अब तक दबी रही। शुक्रवार को रिपोर्ट अमर उजाला के हाथ लगी तो जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली।
रंगत बढ़ाने के लिए सेहत से खिलवाड़
पूर्व मेडिकल अधीक्षक डॉ. युवराज सिंह ने बताया कि मेटानिल येलो के सेवन से किडनी और लिवर पर बुरा असर पड़ने का खतरा होता है। पशुओं पर हुए अध्ययनों में भी किडनी को नुकसान पहुंचने के संकेत मिले हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अनुसार इसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं व पाचन तंत्र पर भी असर पड़ सकता है। मेटानिल येलो से हल्दी को अधिक चमकीला पीला दिखाया जाता है। इससे उपभोक्ता असली और मिलावटी उत्पाद के बीच अंतर नहीं कर पाते।