जम्मू में स्टेट कैंसर संस्थान पर अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। रेशमघर स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इस आधुनिक संस्थान का निर्माण करना प्रस्तावित है। संभाग में अपनी तरह के बनाए जा रहे इस पहले इंस्टीट्यूट में कैंसर मरीजों के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जानी हैं।
लेकिन अभी तक निर्माण कार्यों को हरी झंडी न मिलने से अगले वित्त वर्ष तक प्रोजेक्ट लटकने के आसार हैं। जीएमसी कैंसर यूनिट के एचओडी एवं नोडल अधिकारी डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और उम्मीद है शीघ्र काम शुरू हो जाएगा।
वर्ष 2014 में रियासत में जम्मू और श्रीनगर में एक-एक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट खोलने की कवायद शुरू की गई थी। देशभर में 80 कैंसर सेंटरों को अपग्रेड करने के साथ बीस नए यूनिट खोले जा रहे हैं, जिसमें दो राज्य के लिए हैं।
नान कम्युनिकेवल कंट्रोल आफ स्ट्रोक, डायबिटीज और कैंसर प्रोग्राम के तहत कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण पर 120 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी खर्चा राज्य सरकार को करना है।
ऐसे आधुनिक सेंटर में लाइनर एस्लट्रेट (रेडिएशन मशीन), सीटी स्कैन की तरह पीईटी स्कैन मशीन आदि स्थापित की जाएंगी। रियासत में कैंसर मरीजों की बात करें तो हर साल इनकी संख्या में वृद्धि हो रही है। जम्मू संभाग में ही हर साल करीब दो हजार नए मरीज जीएमसी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
इसमें पुरुषों में फेफड़े और महिलाओं में बच्चेदानी का कैंसर नंबर एक पर है। इन मामलों में जिला जम्मू सबसे आगे है। पुंछ, राजोरी, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ, सांबा आदि क्षेत्रों के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। गले के कैंसर से भी युवा पीड़ित हो रहे हैं।