मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में दी जानकारी
कहा, विभिन्न उप-परियोजनाओं के तहत भी खर्च किए जाएंगे 144 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऐतिहासिक मुबारक मंडी हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार के तहत सात परियोजनाओं के लिए 59.69 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से 17.70 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न उप-परियोजनाओं के तहत 144 करोड़ रुपये भी खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को विधानसभा में दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में विरासत स्थलों के संरक्षण की योजना के तहत 45 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वास्तुकला और विरासत के पुनरुद्धार, जीर्णोद्धार, संरक्षण और रखरखाव के लिए प्रदेश स्तर की योजना के दूसरे चरण के तहत 73 अतिरिक्त परियोजनाओं की पहचान की गई है। 2005 में मुबारक मंडी को एक संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था। इसके अगले ही वर्ष मुबारक मंडी जम्मू हेरिटेज सोसाइटी का गठन किया गया था, ताकि इसके संरक्षण, रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए परिसर को अपने अधीन किया जा सके।
इसके संरक्षण के लिए पहला विजन दस्तावेज 2008 में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था इनटेक द्वारा तैयार किया गया था। बाद में एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया, जिसे 2019 में मंजूरी दी गई। परिसर को मुख्य रूप से छह क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र, ज्ञान केंद्र, व्याख्या और संग्रह गैलरी, जीवन शैली, अनुभवात्मक स्थान और शिल्प बाजार शामिल हैं।
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केंद्र की कोई योजना वर्तमान में संस्कृति व पर्यटन विभाग से नहीं की जा रही क्रियान्वित
सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कोई भी विरासत संरक्षण परियोजना वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में संस्कृति विभाग या पर्यटन विभाग द्वारा क्रियान्वित नहीं की जा रही है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश में वास्तुकला और विरासत के पुनरुद्धार, जीर्णोद्धार, संरक्षण और रखरखाव के लिए एक योजना को मंजूरी दी है। 2019 से 2024 के बीच पूंजीगत व्यय के तहत 15 परियोजनाएं शुरू की गईं। सरकारी योजना के दूसरे चरण में विभिन्न किलों, स्मारकों, धार्मिक स्थलों और विरासत भवनों को कवर करने वाली 73 परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। पहले और दूसरे चरण को कवर करने के लिए 310.71 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। पहले चरण में 86.40 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।