जम्मू। देश सहित प्रदेश में मंगलवार से 21वीं पशुधन गणना शुरू हो गई है। इसके तहत प्रदेश में भी इसके तहत 200 पर्यवेक्षक 804 गांवों और 154 नगर निकाय वार्डों का सर्वेक्षण करेंगे। यह जानकारी निदेशक पशुपालन विभाग जम्मू डॉ. वहीदा परवीन ने सतवारी में गणना कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर दी।
उन्होंने बताया कि देश में पशुधन जनगणना वर्ष 1919 से हर पांच साल में हो रही है। इसमें पशुधन और मुर्गियों की की गणना होगी। पशुपालकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका लाभ पशुपालकों को दिया जा रहा है।
निदेशक ने कहा कि यह जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन डेटा संग्रह, डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर निगरानी और सॉफ्टवेयर के माध्यम से जनगणना रिपोर्ट तैयार करना शामिल होगा। पशुधन पालन में महिलाओं की भागीदारी को 21वीं पशुधन जनगणना में दर्शाया जाएगा। इसके अलावा लावारिश जानवरों की पहचान की जाएगी।