ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षक, मास्टरग्रेड और लेक्चररों के पद रिक्त पड़े हैं वहीं शहरों में यह अमला सरप्लस है। जम्मू शहर में ही 334 शिक्षक अधिक हैं। ये शिक्षक राजनीतिक रसूख से कई वर्षों से यहीं जमे हुए हैं। कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां 15 से 20 शिक्षक सरपल्स हैं।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में प्राइमरी स्कूलों में औसतन दो-दो, मिडिल स्कूलों में 3 से 4 और हायर सेकेंडरी स्कूल में 8 से 10 अध्यापक ही सेवाएं दे रहे हैं। कुछ स्कूल तो एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। शहर के सरप्लस शिक्षकों को कई बार ग्रामीण इलाकों में भेजने के आदेश पहले भी हो चुके हैं।