घटना के बाद श्रीनगर में प्रदर्शन करते छात्र
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वर्ल्ड कप टी-20 के सेमीफाइनल में भारत की हार पर मनाए गए जश्न पर रियासत की दोनों राजधानियों (ग्रीष्म और शीतकालीन) में बवाल हुआ। जम्मू में डेंटल कालेज में तिरंगा जलाए जाने का आरोप है, जबकि श्रीनगर एनआईटी में हिंसक भिड़तों के बाद एनआईटी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर हॉस्टल खाली करने का फरमान जारी कर दिया गया है।
जम्मू में अंबफला स्थित डेंटल कालेज में कथित तौर पर तिरंगा जलाए जाने पर शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। अस्पताल में कामकाज ठप रखा गया। विद्यार्थियों ने हास्टल और कालेज में प्रदर्शन किया। कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। कालेज प्रशासन ने बीडीएस अंतिम वर्ष के छात्र इंजमाम उल हक को ब्वायज हास्टल से निष्कासित कर दिया है। पक्का डंगा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
एसएसपी जम्मू डा. सुनील गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर जांच के लिए भेजी गई है। यदि घटना में कोई दोषी पाया गया तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक वीरवार की रात कालेज के सभागार में कालेज प्रशासन की ओर से बड़ी स्क्रीन पर वेेस्ट इंडीज और भारत के बीच विश्व कप ट्वंटी-20 के सेमीफाइनल मुकाबले को दिखाने की व्यवस्था की गई थी।
इसमें विद्यार्थियों के साथ कालेज स्टाफ और खुद प्रिंसिपल भी मौजूद थे। मैच के दौरान विद्यार्थियों के दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद कुछ विद्यार्थियों का आरोप है कि उस वक्त आरोपी छात्र इंजमाम खान ने एक छात्रा के हाथों से तिरंगा छीना और उसे अपने साथ ले गया। उसकी अन्य छात्रों से कहासुनी भी हुई। बाद में उसने हास्टल की मेस में उसे आग के हवाले कर दिया।
तिरंगा जलाने का आरोपी छात्रा हॉस्टल से बर्खास्त
जम्मू में प्रदर्शन करते कॉलेज के छात्र व कर्मचारी
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विद्यार्थियों को इस घटना का पता चला तो उन्होंने बीती रात और शुक्रवार सुबह जोरदार विरोध किया। डेंटल कालेज के प्रिंसिपल डा. रोमेश सिंह के अनुसार तिरंगा जलाने की घटना उनके सामने नहीं हुई है। स्टाफ और विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए आरोपी छात्र को हास्टल से बर्खास्त किया गया है। उसके खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों की शिकायत को संबंधित पुलिस थाने को फारवर्ड कर दिया गया है। साथ ही घटना की जानकारी स्वास्थ्य सचिव और डिवीजनल कमिश्नर को भी दी गई है।
वहीं श्रीनगर के हजरतबल इलाके में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में वीरवार रात भारत की हार के बाद कुछ स्थानीय युवाओं द्वारा मनाए गए जश्न के बाद कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। शुक्रवार को भी दिन भर कैंपस में तनाव रहा।
हालात बेकाबू होते देख एनआईटी प्रबंधन ने अगले आदेश तक कालेज बंद करने का आदेश जारी कर छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा है। आरोप है कि वेस्टइंडीज के हाथों भारत की हार के बाद कुछ कश्मीरी छात्रों ने कैंपस में जीत का जश्न मनाते हुए उनके हक में भारत के खिलाफ नारे लगाए और आतिशबाजी की। कुछ बाहरी छात्रों का कहना है कि इस दौरान मेस पर पथराव भी किया गया।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह एनआईटी प्रबंधन के पास शिकायत लेकर जा रहे बाहरी छात्रों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए और कैंपस में तिरंगा भी लहराया। इस बीच विरोधी गुट के छात्र भी जमा हो गए हो गए। दोनों गुटों की भिड़ंत हो गई।
एक ओर से हिंदुस्तान जिंदाबाद तो दूसरी ओर से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने लगे। पत्थरबाजी भी शुरू हो गई। इसके साथ ही हालात बेकाबू हो गए। पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान कुछ छात्रों को चोटें भी लगी हैं।
श्रीनगर में एनआईटी हॉस्टल को खाली करने का नोटिस जारी
एनआईटी के बाहर तैनात सुरक्षा बल के जवान
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एनआईटी के रजिस्ट्रार एफए मीर द्वारा एक नोटिस जारी कर छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। जारी नोटिस में लिखा गया है कि एक अप्रैल को छात्रों द्वारा की गई अनुशासनहीनता को देखते संस्थान को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इसलिए छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
संस्थान एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा बार-बार अनुरोध के बाद भी अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्रों द्वारा इनकार करने के कारण संस्थान द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इस सबसे से गैर स्थानीय छात्र परेशान हैं। उनके अनुसार उन्होंने अपना सामान बांधना शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह होते ही वह यहां से निकलेंगे। उनका यह भी कहना है सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हम ऐसा करने पर मजबूर हैं।
साथ ही हमें यह भी कहा गया है कि शनिवार से बिजली, पानी, मेस आदि सुविधाएं बंद की जाएंगी। इस घटना पर पुलिस का कहना है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन जल्द पुलिस द्वारा इसे काबू में किया गया। उनके अनुसार छात्रों की सुरक्षा का पूरा प्रबंध किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।