गौरतलब है कि इरफान की मौत के बाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार 15 सितंबर दोपहर 12:45 पर सादिक कॉलोनी सोपोर के रहने वाले एक ओजीडबल्यू इरफान अहमद डार पुत्र मोहम्मद अकबर डार (23/24 वर्ष) को दो चीनी ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इस संदर्भ में पुलिस स्टेशन सोपोर में यूएपीए की धारा 18 और आर्म्स एक्ट 7/27 के तहत ए?आईआर 257/2020 दर्ज कर आगे की तफतीश शुरू की गई थी। उन्होने बयान में बताया था कि तफतीश के लिए पुलिस टीम तुजर शरीफ के चैरदजी इलाके में इस ओजीडबल्यू के साथ पहुंची जहां उसकी निशानदेही पर और रिकवरी होने की संभावना थी। लेकिन अंधेरे का फायेदा उठाते ओजीडबल्यू मौके से भाग निकला और उस संदर्भ में आईपीसी की धारा 224 के तहत मामला दर्ज किया गया।
तलाशी के दौरान उसका शव तुजर शरीफ इलाके में एक पत्थर की खान के पास मिला। शव को नजदीकी पीएचसी ले जाया गया जहां से फिर श्रीनगर में पीसीआर के अस्पताल शिफ्ट किया गया कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। लेकिन इस बीच परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को मारा गया है। इरफान के भाई जावेद अहमद ने कहा था कि उसे और उसके भाई को 14 सितंबर को घर से उठाया गया। दोनों को अलग रखा गया था।
उसकी तबियात खराब होने के चलते उसे छो? दिया गया। उसने बताया था कि उसका भाई बेकसूर था और उसका कोई आतंकी लिंक नहीं था। वो उसके साथ ही सुबह से शाम तक दुकान पर ही रहता था। जावेद ने मांग की थी कि इसमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। और पुलिस अगर चाहेगी उनके घर की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है।