कुपवाड़ा में पूर्व आतंकियों से विवाह करने वाली पाकिस्तानी महिलाओं ने शुक्रवार को जिला विकास आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर मांग की है कि या तो उन्हें पाकिस्तान वापस भेजा जाए अथवा उन्हें नागरिकता के अधिकार प्रदान किए जाएं।
सरकार की पुनर्वास योजना के तहत वर्ष 2010 में कई आतंकी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए आतंकियों की पत्नियां नेपाल सीमा से होते हुए यहां पहुंची थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वह दोयम दर्जे की नागरिक होकर रह गई हैं। महिलाओं ने कहा हमारे पति शांति से रह रहे हैं, लेकिन हम पीड़ित हैं। प्रदर्शनकारी एक महिला ने कहा कि पिछले माह मेरी मां की मौत हो गई परंतु वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाई।