गर्मी बढ़ने के साथ कई सब्जियों के दाम में भी उछाल आया है। आम लोगों का कहना है कि कोरोना के कारण पहले ही परेशानी है, ऊपर से बढ़ती महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। दुकानों और रेहड़ियों पर सब्जी विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जबकि मंडी में दाम कम हैं। परेड मंडी में सब्जी खरीदने आए शहरवासी रतन चंद, सोनिका रानी, रजनी, सुनील आदि ने बताया कि हर दिन सब्जी के दाम में बदलाव होता रहता है, कोई निर्धारित मूल्य नहीं है।
मंडी में सब्जी सस्ती है, लेकिन बाजार में पहुंचते ही इसके दाम दोगुने हो जाते हैं। मंडी में सब्जी लेने आए विक्रेता सुभाष, गौतम और चुन्नी लाल ने बताया कि जब कोरोना नहीं था, तब भी सब्जी के दाम बढ़ते थे। जम्मू शहर में पहाड़ी इलाकों से सब्जी आती है, उसका किराया ज्यादा लगता है। डोगरा चौक पर सब्जी बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि गर्मी के मौसम में हर साल सब्जी के कदाम बढ़ते हैं। 20 रुपये सब्जी मंडी में बिकती है तो 30 रुपये दुकान पर बेचनी पड़ती है।
इसमें गाड़ी का किराया भी लगता है। सब्जी खरीदने आए बशीर अहमद, सुरजीत और सोनाक्षी ने बताया कि शिमला मिर्च, कड़म, गोभी के दाम ज्यादा हैं। दुकानदार तो बोलते हैं कि रेट मंडी में ही ज्यादा हैं, लेकिन मंडी के बजाय तीन गुना ज्यादा रेट वसूले जा रहे हैं। दुकानदारों से रेट लिस्ट दिखाने पर वे आनाकानी करते हैं। लोगों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।
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ये हैं सब्जियों के दाम
सब्जी मंडी में दुकान पर एक माह पहले
आलू 25 30 20
टमाटर 20 25 40
बैंगन 40 60 80
शिमला मिर्च 50 60 40
बंद गोभी 40 50 15
फुल गोभी 50 60 20
भिंडी 25 30 40
मटर 50 60 30
बींस 50 60 70
घिया 40 45 20
करेला 30 40 25
गाजर 20 25 15
मूली 15 20 10