9344.50 मेगावाट पनबिजली उत्पादन करने के रोड मैप को हरी झंडी
बिजली के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने अगले पांच साल में आत्मनिर्भर बनने का रोड मैप तैयार कर लिया है। वर्ष 2021 से जम्मू-कश्मीर को बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रियासत न केवल बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगी, बल्कि विकास की राह में भी बड़ा रोल निभाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन की हाल ही में राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक में अगले पांच सालों में करीब 9344.50 मेगावाट पनबिजली उत्पादन करने के रोड मैप को हरी झंडी दे दी गई है।
रोड मैप के अनुसार राज्य सेक्टर में करीब 15 पनबिजली परियोजनाओं से 6263 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। सेंट्रल सेक्टर की पांच परियोजनाओं से 1859 मेगावाट, आईपीपी सेक्टर में 850 मेगावाट व लघु पनबिजली परियोजनाओं में 372 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा।
मुख्य पनबिजली परियोजनाएं, जिनका निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाना है, उनमें 1856 मेगावाट क्षमता की सावलकोट, 520 मेगावाट की कावर, 1020 मेगावाट क्षमता की बरसर परियोजना के अलावा सेंट्रल सेक्टर 330 मेगावाट की किशनगंगा परियोजना शामिल है। आईपीपी प्रोजेक्ट में 850 मेगावाट की रटली पनबिजली परियोजना, 600 मेगावाट की कीरू परियोजना समेत अन्य कई परियोजनाएं शामिल हैं।