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आत्म-निर्भर जम्मू-कश्मीर: बेरोजगारी दर में आई गिरावट, 6.7% से घटकर 6.1% हुई; 9.58 लाख युवाओं को मिला नए रोजगार

Sat, 15 Mar 2025 03:55 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 6.7% से घटकर 6.1% हुई, सरकार ने 9.58 लाख आत्म-रोजगार अवसरों और विभिन्न योजनाओं से रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्री पिक
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विस्तार
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जम्मू और कश्मीर सरकार ने शनिवार को विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य में बेरोजगारी दर 2019-20 में 6.7 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 6.1 प्रतिशत हो गई है। इस सुधार के पीछे राज्य सरकार की कई योजनाओं का हाथ है, जिनमें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 9.58 लाख आजीविका के नए अवसर मिले।

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राज्य के मंत्री जावेद अहमद डार ने विधानसभा में कहा कि इस सुधार का असर श्रम बल भागीदारी दर और श्रमिक जनसंख्या अनुपात पर भी पड़ा है, जो 2023-24 में  64.3 प्रतिशत और 60.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो राज्य में रोजगार अवसरों और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि को दिखाता है।

डार ने नेशनल कांफ्रेंस के विधायक मुबारक गुल के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर में 2019 से बेरोजगारी दर में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने राज्य के 2025 आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि बेरोजगारी दर 2019-20 में 6.7 प्रतिशत थी, जो 2020-21 में 5.9 प्रतिशत, 2021-22 में 5.2 प्रतिशत, 2022-23 में 4.4 प्रतिशत और 2023-24 में 6.1 प्रतिशत हो गई।
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बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट के साथ-साथ एलएफपीआर और डब्ल्यूपीआर में वृद्धि यह दिखाता है कि राज्य सरकार की योजनाओं और नीतियों ने श्रम बाजार को बेरोजगारी को कम करने और जम्मू और कश्मीर के नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करने में सफलता प्राप्त की है ।

वर्षों में रोजगार सृजन के उपायों के बारे में जानकारी देते हुए डार ने बताया कि जम्मू और कश्मीर लोक सेवा आयोग और जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा पिछले दो वर्षों में 11,526 चयन किए गए हैं । 2023 में 4,836 (जेकेपीएससी द्वारा 1,141 और जेकेएसएसबी द्वारा 3,695) और 2024 में 6,690 (जेकेपीएससी द्वारा 1,034 और जेकेएसएसबी द्वारा 5,656) चयन किए गए।

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इसके अलावा, निजी क्षेत्र में 2022-23 में 45,688 बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिला, जिसमें 15,719 युवाओं को 2022-23 में और 29,969 को 2023-24 में रोजगार मिला। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम  जैसी योजनाओं के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 9.58 लाख आत्म-रोजगार अवसरों का सृजन किया गया है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत जनवरी 2025 तक 3.01 करोड़ व्यक्ति-दिन का रोजगार सृजन हुआ है, जिससे 8.07 लाख परिवारों को रोजगार प्राप्त हुआ है। सरकार ने युवा विकास, उद्यमिता और आजीविका सृजन पर जोर देते हुए मिशन युवा नामक योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य पांच लाख संभावित उद्यमियों को समर्थन और सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत 1,37,000 नए उद्यमों का निर्माण और 4.25 लाख रोजगार अवसरों का सृजन करने का लक्ष्य है।

पिछले चार वर्षों में 246 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिनमें 2,760 कंपनियों ने 4,893 उम्मीदवारों को नौकरी दी और 6,640 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण के लिए अनुशंसा की गई। सरकार अब विभिन्न विभागों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को आत्म-रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है और पूरे राज्य में कौशल विकास प्रशिक्षण भी आयोजित कर रही है
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