आरएसपुरा-सुचेतगढ़ सड़क का दोहरीकरण का काम चार वर्ष पहले शुरू किया गया। यह काम काफी धीमी गति से होने के चलते अभी तक अधूरा ही पड़ा है। यहां सीमा पर स्थित आक्ट्राय पोस्ट को देखने हर दिन कई पर्यटक इसी मार्ग से होकर आते जाते हैं। इसके बाद भी इस मार्ग के चौड़ीकरण में तेजी नहीं लाई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क पर पीडब्ल्यूडी की ओर से लगभग सभी पुल्लियों को फोरलेन के मुताबिक पूरा कर लिया गया है। ग्रामीण भजन चंद, रमेश लाल, प्रकाश चौधरी ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क की हालत जर्जर बनी होने पर यहां के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों की मुश्किलों को देखते हुए इस सड़क के कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए ताकि सभी को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।
अजीत सिंह, पुरुषोत्तम लाल, साहिल कुमार का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण के लिए संबधित विभाग की ओर से सड़क किनारे लगे वृक्ष भी कटवाए गए हैं। फिर भी अभी तक इसका काम धीमी गति से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र को गांव को जोड़ने के लिए अहम सड़क मार्ग होने पर इसके कार्य में तेजी लाई जाए ताकि लोगों को हो रही दिक्कतों से निजात मिल सके।
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सरकार की तरफ से भारत-पाकिस्तान सीमा देखने के लिए यहां अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाई योजना के चलते आरएस पुरा-सुचेतगढ़ मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है। इसी सड़क के साथ सीमावर्ती गांव घराना को भी जोड़ा जाना है ताकि यहां आने वाले पर्यटक प्रवासी पक्षियों को देख सकें। इस मार्ग के फोरलेन बनने पर सुचेतगढ़ से ही पर्यटक घराना गांव तक पहुंचेेंगे। गौरतलब है कि सर्दी के दिनों सीमावर्ती गांव घराना के वेटलैंड में हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी अक्टूबर में यहां पहुंचते हैं। मार्च-अप्रैल तक यहां से चले जाते हैं।
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लगभग सात किलोमीटर फोर लेन बनाए जाने के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। पहले फेज में पुल्लियों का निर्माण कराए जाने के बाद अब मार्ग में आ रहे वृक्ष भी कटवाए गए हैं। शीघ्र ही इस सड़क का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए कार्य चल रहा है।
-वीआर वनोत्रा, एईई, सड़क व भवन निर्माण विभाग