जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेताओं पर वर्ष 2017 के बाद से लगातार हमले हो रहे हैं। वर्ष 2017 के नवंबर महीने में दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने भाजयुमो की जिला इकाई के प्रमुख गौहर हुसैन भट (30) की गला रेत कर हत्या कर दी थी। 22 अगस्त 2018 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने भाजपा कार्यकर्ता शबीर अहमद भट्ट की हत्या कर दी थी। इससे बाद 4 मई 2019 को अनंतनाग जिले में भाजपा उपाध्यक्ष गुल मुहम्मद मीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
चार अगस्त को पंच को मारी थी गोली
कुलगाम जिले में पिछले 48 घंटे में पंच-सरपंच पर यह दूसरा हमला है। इससे पहले चार अगस्त को आतंकियों ने भाजपा के पंच पीर आरिफ अहमद शाह को गोली मारकर घायल कर दिया था। उनका श्रीनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जून महीने में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी थी।
8 जून को सरपंच अजय पंडिता की हुई थी हत्या
आतंकियों ने 8 जून को अनंतनाग जिले के लरकीपुरा इलाके के सरपंच और कांग्रेस के सदस्य अजय पंडिता की उनके गांव में हत्या कर दी थी। कश्मीर में 17 वर्ष बाद किसी कश्मीरी पंडित की हत्या की गई थी।
पंच-सरपंचों को सुरक्षा मुहैया कराएं
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कश्मीर घाटी में पंच, सरपंच और सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने सज्जाद की हत्या को अमानवीय बताते हुए कहा कि तीन दिन में एक ही इलाके में पंच-सरपंच पर हमले की दो घटनाओं के बाद डीजीपी और आईजीपी को खुद हस्तक्षेप करना चाहिए।
ऐसे हमलों से हौसले नही टूटेंगे
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सोफी मोहम्मद यूसुफ ने जनाजे में शिरकत करने के बाद कहा कि आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। लेकिन ऐसे हमलों से भाजपा कार्यकर्ताओं की हिम्मत नहीं टूटेगी। पार्टी मजबूत है और हम जनता की सेवा करते रहेंगे।