विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने के साथ सरकारी स्कूलों के शिक्षक चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं अब स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होने लगी है।
हैरानी की बात यह है कि कितने शिक्षक चुनाव कार्य में हैं और कितने स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ही नहीं है।
विधानसभा चुनाव का एलान होने से पहले ही प्रशासन की तरफ से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई थी। इसके लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बूथ लेबल आफिसर (बीएलओ) बनाकर सबसे ज्यादा काम करवाया जा रहा है।
जब यह शिक्षक बीएलओ के रूप में कार्य करते हैं, तो स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है। जम्मू में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, इन बीएलओ को ज्यादा काम करना पड़ेगा। वहीं विद्यार्थियों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा होती जाएगी।