कोविड संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण के बाद अब सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की हाजिरी सुनिश्चित बनाई जा रही है। ड्यूटी से गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से एक आदेश जारी कर प्रत्येक माह की 25 तारीख को डीओ की ओर से जारी एक्विट ड्यूटी प्रमाणपत्र देने पर ही फील्ड स्टाफ को वेतन जारी किया जाएगा। इसके साथ मूवमेंट रजिस्टर, मासिक टूर डायरी को भी पुख्ता बनाना होगा।
कार्यालय के भीतर के स्टाफ को भी पूरे कार्यालय समय में ड्यूटी पर रहना होगा। जेकेपीसीसी की ओर से गत दिनों जेकेपीसीसी हेडक्वार्टर/क्षेत्रीय कार्यालय/संभागीय कार्यालय के औचक दौरे के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए थे। इसमें पाया गया कि कई कर्मचारी ड्यूटी से लगातार गायब रह रहे हैं। इस पर समिति ने कड़ा संज्ञान लेते हुए फील्ड स्टाफ के लिए किसी भी तरह की मूवमेंट पर मूवमेंट रजिस्टर में सारा ब्योरा देना होगा। यह विभाग के सभी कार्यालयों में लागू होगा।
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इसके अलावा डीओएस/फील्ड अधिकारियों को नियमित आधार पर आरडीएस को और आरडीएस व सेक्ट्रल हेड केंद्रीय कार्यालय को मासिक आधार पर सेंट्रल कार्यालय में मासिक टूर डायरी का ब्योरा देना होगा। सभी डीओ फील्ड स्टाफ को प्रत्येक माह की 25 तारीख को एक्टिव ड्यूटी प्रमाणपत्र जारी करेंगे, जिसके बाद डीडीओ/आरडीएस की ओर से वेतन जारी किया जाएगा। इसमें कंसालिडेटेड और दूसरा फील्ड स्टाफ शामिल होगा।
आरडीएस/एडीओ को प्रत्येक माह की पहली तारीख को कर्मचारियों की कैजुअल लीव अकाउंट का पूरा ब्योरा देना होगा। बिना प्रशासनिक अनुमति के गैर हाजिर, देरी से आने और जल्दी कार्यालय छोड़ने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों सेंट्रल कार्यालय का सहायक निदेशक (पीएंडएस) स्तर तक हाजिरी रजिस्ट्र बनाए रखना होगा।