केंद्रीय बजट में आयकर की नई स्लैब का प्रावधान करने से पांच लाख से ज्यादा तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी गदगद हैं। उनका कहना है कि नई सलैब से बचत बढ़ेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के करीब डेढ़ लाख मुलाजिमों का वेतन सालाना पांच लाख से ज्यादा है जिन्हें पहले के मुकाबले कम आयकर चुकाना होगा। हालांकि सालाना पांच लाख तक का वेतन पा रहे मुलाजिमों में मायूसी है।
सचिवालय नान गजटेड इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष राउफ भट ने कहा कि केंद्रीय बजट में करदाताओं को राहत से कर्मचारी वर्ग गदगद हैं। नान गजटेड और गजटेड दोनों वर्गों के कर्मचारियों को राहत मिली है। कर्मचारी अब पहले से ज्यादा बचत कर सकेंगे।
ऑल जेएंडके इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसैन मलिक ने कहा कि दो से ढाई लाख के करीब कर्मचारियों को पहले की तरह ही कर चुकाना होगा। वहीं पचास हजार से ऊपर का वेतन हासिल करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी आयकर में राहत मिलना संतोषजनक है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों व अधिकारियों को लाभ मिलने की संभावना है।