जम्मू-कश्मीर में शनिवार दूसरे दिन भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में कर्मचारी काम छोड़ो हड़ताल पर रहे। इससे बैंकों में करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। क्लीयरिंग सहित अन्य गतिविधियां ठप रहीं। बैंकों पर ताले लगे रहे। दो दिन की हड़ताल से बैंकों की अन्य नकद सेवाओं पर भी असर पड़ा।
जेएंडके बैंक खुला रहा, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल से कामकाज पर व्यापक असर पड़ा। रविवार की छुट्टी के बाद चौथे दिन सोमवार को बैंकों में कामकाज सामान्य होगा। इस बीच जम्मू प्रोविंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले बैंक कर्मियों ने शालामार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाद मांगों के लिए प्रदर्शन किया।
प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में शनिवार दूसरे दिन भी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। बैंकों में नियमित हड़ताल से कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जम्मू प्रोविंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव अरुण कुमार गुप्ता ने आईबीए और वित्त मंत्रालय के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।
कर्मचारियों की मांगों में बीस फीसदी वेतन वृद्धि, पांच दिन बैंकिंग, बेसिक वेतन में विशेष भत्ते को शामिल करना, नई पेंशन योजना को हटाने, पारिवारिक पेंशन को सुचारु बनाना, टाफ वेलफेयर फंड को ऑपरेटिंग प्रोफिट पर देना, लीव बैंक स्थापित करना, अधिकारियों के लिए कार्यालय समय तय करना, कांट्रैक्ट कर्मचारियों/बिजनेस कोरेसपोंडेंट के लिए समान काम समान वेतन आदि शामिल है।
दो दिन की राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। बैंकों में कई उपभोक्ता पहुंचे, लेकिन उन्हें बैंक बंद मिले। कामरेड अश्विनी प्रधान महासचिव पीएनबीओए ने कहा कि अगर बैंक कर्मियों की मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे 11 से 13 मार्च को तीन दिनी हड़ताल करेंगे और 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।