ग्यारहवीं की परीक्षा को लेकर स्थिति साफ न होने के कारण फिलहाल 12वीं में एडमिशन नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ निजी स्कूल बच्चों से 12वीं की फीस मांगने लगे हैं, जबकि इन बच्चों ने अभी तक 12वीं में एडमिशन भी नहीं लिया है। स्कूल की तरफ से बच्चों को फोन कर मार्च से मई तक की फीस मांगी जा रही है। फीस जमा नहीं करवाने पर बच्चों को ऑनलाइन कक्षा में न बैठाने की चेतावनी दी गई है।
शहर के मुबारक मंडी स्थित डीबीएन विद्या मंदिर स्कूल की ओर से बच्चों को स्लिप भेजकर उनसे फीस मांगी जा रही है। ग्यारहवीं के एक छात्र ने बताया कि स्कूल दो महीने से ऑनलाइन क्लासेज चला रहा है। वह भी इसमें पढ़ रहा था। उसने बताया कि उसे यह पता नहीं था कि इसकी फीस मांगी जाएगी। जब मैंने अपना फीस फॉर्म चेक किया तो उसमें मार्च से मई तक की फीस मांगी गई।
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इसको लेकर मैंने स्कूल में फोन किया तो उन्होंने कहा कि आपकी फीस बकाया और आपको जमा करवाना पड़ेगा। वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि उससे भी लगातार फीस की मांग की जा रही है। फीस जमा नहीं होने पर ऑनलाइन कक्षा में न बैठाने को भी कहा जा रहा है।
फीस मांगने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के निदेशक डॉ. रवि शंकर शर्मा से इस संबंध में बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं निदेशालय के मीडिया इंचार्ज मीर यासीर रसूल ने कहा कि निदेशालय ने कहा कि अभी एडमिशन नहीं हुआ और स्कूल किस आधार पर फीस मांग रहे हैं वह समझ के परे है। स्कूल बच्चों को फीस जमा नहीं करवाने पर भी ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं रोक सकता है। अभिभावक या बच्चों को चाहिए वह निदेशालय में इस तरह की शिकायत करें।