जम्मू-कश्मीर में लोग केंद्र सरकार के परिसीमन के फैसले को सराह रहे हैं। लेकिन लोगों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार राज्य के दर्जे की मांग की जा रही है।
प्रदेश के कई संगठनों ने केंद्र सरकार के परिसीमन के फैसले को सराहनीय कदम बताया है। राजपूत सभा के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि भौगोलिक, राजनीतिक और समुदाय के आधार पर जिन लोगों के साथ भेदभाव हुआ है, अब उनको हक मिलेगा।
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उन्होंने मांग की कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार होने वाले विधानसभा चुनाव में पीओजेके की लंबे समय से खाली पड़ी सीटों को भी भरा जाए। पीओजेके के निवासी कई सालों से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। परिसीमन से कश्मीरी विस्थापितों की समस्याएं हल होने की उम्मीद जगी है।
केंद्रीय महाजन सभा के प्रधान रमेश गुप्ता ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में परिसीमन हो रहा है। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह उचित निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि छह महीने में परिसीमन और चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाए। जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को भी बहाल किया जाए।